भगवान श्री कृष्ण द्वारा जीवन जीने का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है : CM Manohar Lal

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आज यहां ब्रह्मसरोवर स्थित गीता ज्ञान संस्थानम में आयोजित भगवत गीता की वर्तमान प्रासंगिकता पर आयोजित कार्यक्र म मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के विराट स्वरूप का आज अनावरण होना बड़े ही सौभाग्य की बात है। गीता का जो महत्व सारे विश्व में है, मानवता के लिए इससे बड़ा ग्रंथ कोई और नहीं हो सकता। भगवान श्री कृष्ण जी द्वारा जीवन जीने का जो संदेश पूरे विश्व को उस समय पर दिया गया था, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। जो उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण के विराट स्वरूप के अलावा विश्व स्तरीय संग्रहालय भी बनाया जा रहा है।

इस संग्रहालय सहित अन्य कार्यों पर लगभग 200 करोड़ रु पए का खर्च आएगा। इस संग्रहालय में महाभारत और सरस्वती स•यता की व्याख्या होगी। संग्रहालय में लाइट एंड शो के माध्यम से गीता का संदेश दिया जाएगा जो वास्तव में देश और दुनिया के लोगों के लिए एक आकर्षण का केंद्र बनेगा। कुरु क्षेत्र को लैंड ऑफ श्री कृष्ण बनाना होगा : उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कुरु क्षेत्र को अब से श्रीमद्भगवद्गीता की धरती के नाम से जाना जाएगा उसी प्रकार धर्मक्षेत्र कुरु क्षेत्र को लैंड ऑफ श्री कृष्ण भी बनाना होगा। जिस प्रकार लोग श्री कृष्ण के विचारों और उनके जीवन का संदेश लेने के लिए वृंदावन, मथुरा व द्वारिका जाते हैं, उसी प्रकार कुरु क्षेत्र में भी आएंगे, क्योंकि वास्तव में जीवन का संदेश कुरु क्षेत्र की पावन धरा पर दिया गया था।

उन्होंने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज का आभार और धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने गीता के संदेश के प्रचार प्रसार की जो मुहिम चलाई वह सराहनीय है। वर्ष 2016 से पहले गीता जयंती का एक छोटा कार्यक्र म होता था लेकिन धीरे-धीरे कार्यक्र म का विस्तार होने लगा और लगातार अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। गीता जयंती की मुहिम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी चलाई जा रही है। अब तो विदेशों से भी यह मांग आने लगी है कि उनके देश में भी गीता जयंती का कार्यक्र म किया जाए। इस अवसर पर हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री कंवर पाल, सांसद रतन लाल कटारिया, नायब सिंह सैनी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।