Cardboard पर GST की दर में कटौती से बागवानों को मिलेगी राहत

Spread the News

शिमला : सेब की पैकिंग सामग्री की कीमतों में बढ़ौतरी से हिमाचल के बागवान अपनी नगद फसल को मंडियों तक पहुंचाने को लेकर चिंता में हैं। पैकिंग सामग्री महंगी होने के साथ साथ ईरान व अन्य देशों से देश की मंडियों में पहुंचने वाला आयातित सेब बागवानों की परेशानियों को और बढ़ा रहा है। सेब सीजन के मद्देनजर बागवानी सचिव अमिताभ अवस्थी के साथ हुई बैठक में बागवानों ने इन्हीं मुद्दों को केंद्र में रखा। बैठक में बागवानों ने कार्टन की आसमान छूती कीमतें नियंत्रित करने के लिए गत्ते पर लगने वाले जीएसटी की दर 18 से घटाकर 2 फीसदी करने का आग्रह किया है।

बैठक में प्लम ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक सिंघा ने यह मामला जीएसटी काउंसिल की बैठक में उठाने का आग्रह किया। इस पर बागवानी सचिव ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। बैठक में सेब की पैकिंग के लिए प्लास्टिक क्रेट के इस्तेमाल को लेकर भी चर्चा की गई, लेकिन यह प्रस्ताव सीरे नहीं चढ़ पाया। क्योंकि बीते साल भी यह प्रयोग किया जा चुका है। हैवी वेट क्रेट में सेब की पैकिंग महंगा काम है, जबकि सिंगल यूज प्लास्टिक केट्र पर्यावरण को नुकसान करेगी।

सेब पर प्रतिबंध लगाने का भी उठाया मुद्दा

बैठक में बागवानों ने ईरान से आयात किए जा रहे सेब पर प्रतिबंध लगाने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि आयातित सेब के कारण राज्य के बागवानों का बीते साल का सेब अभी भी कोल्ड स्टोर में पड़ा हुआ है। इससे बागवानों को नुकसान ङोलना पड़ रहा है।

एचपीएमसी के कोल्ड-स्टोर सीए के रेट कम करने की मांग

बागवानों ने एचपीएमसी के कोल्ड-स्टोर सीए के रेट कम करने की मांग की है। दीपक सिंघा ने बताया कि एचपीएमसी अभी प्रति किलो के पीछे हर महीने 2 रुपए लेता है जबकि निजी स्टोर मालिक सेब रखने के 1.20 रुपए से लेकर 1.50 रुपए लेते हैं।

कार्टन और पैकेजिंग सामग्री के दाम तय करने की मांग

बागवानों ने बैठक में मांग की कि सरकारी उपक्रम एचपीएमसी जल्द कार्टन और पैकेजिंग सामग्री के दाम तय करें, क्योंकि इनके रेट से बाजार में कार्टन के दाम नियंत्रित होते है। इस पर बागवानी सचिव ने एचपीएमसी को जल्द रेट तय करने के निर्देश दिए।

बागवानी सचिव ने जरूरी कार्रवाई करने का दिया भरोसा

बैठक में बागवानी सचिव ने बागवानों की मांग पर जरूरी कार्रवाई करने, जल्द बागवानी मंत्री और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक करने का भी भरोसा दिलाया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को सेब सीजन के दौरान सड़कों को दुरुस्त करने, सड़कों पर गड्ढे भरने, विद्युत बोर्ड को हर वक्त बिजली बहाल रखने ताकि ग्रेडिंग पैकिंग मशीने सेब भरने का काम हर वक्त सके। इस बैठक में बागवानों के अलावा सभी हितधारक विभागए बोर्ड व निगम के अधिकारी शामिल रहे।