Voter प्रमाण के लिए ECI ने Adhaar के अलावा अब 11 Documents को भी करवा सकते हैं जमा, CEO Karuna Raju ने दी जानकारी

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चंडीगढ़: भारत के चुनाव आयोग ने मतदाताओं के लिए एक नया फॉर्म 6-बी पेश कर अपने आधार कार्ड का विवरण प्रस्तुत करना वैकल्पिक बना दिया है। यह आदेश 1 अगस्त, 2022 से लागू होंगे। पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) डॉ एस करुणा राजू ने इस बारे में बताया कि मौजूदा मतदाताओं से आधार संग्रह का उद्देश्य मतदाताओं की पहचान स्थापित करना, मतदाता सूची में प्रविष्टियों का प्रमाणीकरण और नाम के पंजीकरण की पहचान करना है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं द्वारा आधार जमा करना स्वैच्छिक है और यदि मतदाता के पास आधार कार्ड नहीं है, तो वह फॉर्म 6-बी में उल्लिखित 11 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी को भी जमा करवा सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि ईआरओ मौजूदा मतदाता द्वारा आधार विवरण प्रस्तुत करने में असमर्थता के आधार पर मतदाता सूची में किसी भी प्रविष्टि को नहीं हटाएगा और आधार जमा न करने पर किसी भी नए मतदाता को इनकार नहीं करेगा।

पहली अगस्त, 2022 को शुरू होने वाले आधार संख्या के संग्रह के कार्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी देते हुए, सीईओ ने कहा कि ईआरओ द्वारा राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। 4 सितंबर 2022 को राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में पहला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा डीईओ आधार विवरण एकत्र करने के लिए अन्य विभिन्न शिविरों का आयोजन करेंगे। मतदाता अपने मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी का उपयोग करके मतदाता पोर्टल/ऐप्स पर ऑनलाइन 6-बी फॉर्म भरकर स्वयं को प्रमाणित कर सकते हैं और आधार को प्रमाणित कर सकते हैं या वे आवश्यक संलग्नक के साथ फॉर्म 6-बी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

वहीं ईआरओ घर-घर जाकर फॉर्म 6-बी की हार्ड कॉपी में मतदाताओं से स्वेच्छा से आधार संख्या के संग्रह के लिए बीएलओ को तैनात करेंगे, इसके अलावा विशेष अभियान की तारीखों के साथ विशेष शिविरों के आयोजन की तारीखों पर विशेष शिविर आयोजित करेंगे। आधार नंबर की गोपनीयता पर डॉ राजू ने कहा कि उन्हें चुनाव आयोग से सख्त निर्देश हैं कि किसी भी परिस्थिति में आधार नंबर सार्वजनिक डोमेन में नहीं जाना चाहिए और मतदाता की जानकारी सार्वजनिक प्रदर्शन पर डालने से पहले आधार विवरण हटा दिया जाएगा।