प्रोफाइल verification की गुजरी अंतिम तारीख, महज 42 प्रतिशत ने ही किया डाटा अपडेट

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चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग की ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव को शुरू होने से पहले ही ग्रहण लग गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वीरवार यानि 14 जुलाई तक सभी शिक्षक अपनी-अपनी पर्सनल और सर्विस प्रोफाइल वेरीफाई नहीं कर पाए। महज 42 प्रतिशत शिक्षकों ने ही अपनी प्रोफाइल को पूरी तरह से अपडेट किया है जबकि 58 प्रतिशत शिक्षक आज भी प्रोफाइल वेरीफाई करने के लिए विभागीय सॉफ्टवेयर की कतार में लगे हुए हैं। दरअसल, शिक्षा विभाग करीब तीन साल से अटकी हुई ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव को शुरू करना चाहता है। जिसके लिए विभाग ने बीती एक जुलाई को सभी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ वीसी के जरिए बैठक की थी।

जिसमें सभी शिक्षकों को 14 जुलाई तक न केवल अपनीअपनी पर्सनल और सर्विस प्रोफाइल अपडेट करने का समय दिया गया था बल्कि दाखिला प्रक्रिया भी पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। मगर वीरवार अंतिम तारीख तक विभाग में तैनात 89165 शिक्षकों में से केवल 38981 पर्सनल और 59175 सर्विस प्रोफाइल अपडेट कर पाए। हालांकि अभी तक शिक्षकों को प्रोफाइल वेरीफाई करने के लिए दूसरा मौका देने संबंधी कोई पत्र भी जारी नहीं हुआ है। पहले किसी अच्छे इंजीनियर से दुरुस्त करवाए अपना सॉफ्टवेयर : हसला हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंधु का कहना है कि शिक्षक लगातार कई दिनों से अपनी-अपनी पर्सनल व सर्विस प्रोफाइल वेरीफाई करने के लिए एमआईएस साइट पर विजिट कर रहे हैं। लेकिन शिक्षकों द्वारा भे जी गई पर्सनल प्रोफाइल रिक्वेस्ट संबंधित अधिकारी के पोर्टल पर सही तरीके से नहीं पहुंच रही है। साथ ही पिछले दो दिनों से एमआईएस पोर्टल ही काम नहीं कर रहा है। जिसके चलते शिक्षक काफी परेशान हैं।

विभाग को चाहिए था कि ट्रांसफर प्रक्रिया और शिक्षकों की प्रोफाइल को वेरीफाई करवाने से पहले अपने सॉफ्टवेयर को दुरस्त करवा लेता। साथ ही विभाग को यह काम खासकर जून माह की छुट्टियों में ही पूरा कर लेना चाहिए था। अब जुलाई माह में इस अड़चनों भरी प्रक्रिया को अपनाकर विभाग न केवल अपना समय जाया कर रहा है बल्कि शिक्षकों को भी मानसिक परेशान के दौर से गुजरना पड़ रहा है। शिक्षक अपनी प्रोफाइल वेरीफाई करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उससे पहले विभाग को अपना सॉफ्टवेयर किसी अच्छे इंजीनियर से वेरीफाई यानि दुरुस्त करवा लेना चाहिए ताकि इसका ठिकरा शिक्षकों पर फोड़ने से बचा जा सके।