Himachal के 16000 युवा सीखेंगे AI, Web Designing और मशीन लर्निग

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शिमला : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि युवाओं के उच्च कौशल प्रदान करने पर सरकार का फोकस है। उन्होंने कहा कि युवाओं में उच्च कौशल विकास के मकसद से कौशल विकास निगम ने सरकारी संस्थानों व विश्व विद्यालयों के साथ अनुबंध किया है। अनुबंध के तहत प्रदेश के 16 हजार युवा आर्टिफिशियल इंटैंलिजैंस (एआई), वेब डिजाइनिंग व मशीन लर्निग सीखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास परियोजना के तहत 545 करोड़ के अनुबंध किए गए हैं। वाकनाघाट में पर्यटन, आतिथ्य व आईटी पर आधारित उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है। कौशल विकास के तहत एडीबी ने 195 करोड़ का भुगतान कर दिया है। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह बात कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं के कौशल विकास और सुधार के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे बेहतर तरीके से अपनी आजीविका अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं के कौशल विकास पर विशेष बल दिया है ताकि उन्हें उद्योगों की आवश्यकतानुसार और अधिक सक्षम बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विश्व युवा कौशल दिवस का विषयवस्तु जीवन, कार्य और सतत विकास के लिए प्रज्ञता और कौशल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में कौशल विकास निगम युवाओं के कौशल विकास पर विशेष बल दे रहा है और युवाओं को हुनरमंदबनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश सरकार के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से लघु अवधि के अप-स्कीलिंग और मल्टी स्कीलिंग प्रशिक्षण शुरू किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास निगम ने दिव्यांगजनों के लिए नवधारणा कार्यक्रम, शुरू किया है जिसके अंतर्गत खुदरा, पर्यटन औरआतिथ्य क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम प्रधानमंत्री विकास योजना के प्रदेश घटक का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करने वाली एजैंसी है। उन्होंने कहा कि इस योजना का तीसरा चरण प्रगति पर है और इसके अंतर्गत 16200 से अधिक युवाओं को नामित किया गया है। योजना के तीसरे चरण में प्रदेश के 1600 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास निगम विश्व बैंक की सहायता से संकल्प कार्यक्रम संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यRम का उद्देश्य प्रदेशभर में संस्थागत प्रणाली और कौशल इको सिस्टम को मजबूती प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की विशिष्ट कला और शिल्प कौशल के उन्नयन और विपणन क्षमता को 200 हितधारक कारीगरों तक बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर मण्डी जिले के पधर में कौशल विकास निगम के प्रशिक्षुओं और निफ्ट कांगड़ा में प्रशिक्षुओं के साथ वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। कार्यक्रम में प्रदेश आयुष विभाग के साथ स्पा थैरेपिस्ट के लिए, महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ बाल देखभाल संस्थान के हितधारकों और अन्य प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के साथ अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट को ध्यान में रखते हुए हिमाचली युवाओं के कौशल उन्नयन के लिएसमझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किए गए।

सूचना प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डा. राम लाल मारकंडा ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पॉलिटेक्निक कॉलेजों और अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों के माध्यम से युवाओं के कौशल उन्नयन पर बल दे रही है। उन्होंने कहा कि इन सस्थानों में 6800 से अधिक युवाओं को कैंपस साक्षात्कारों के माध्यम से नौकरी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि वाकनाघाट में बनने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलैंस का काम प्रगति पर है। निगम के राज्य समन्वयक नवीन शर्मा ने इस आयोजन में भाग लेने व अपना बहुमूल्य समय देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कौशल विकास निगम की प्रबन्ध निदेशक कुमुद सिंह ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए कहा निगम को स्थापित करने का मुख्य ध्येय युवाओं के कौशल में सुधार ला कर उन्हें रोजगार के योग्य बनाना है।