World IVF Day: बच्चा गोद लेने के लिए शुरू किया गया पहला एडॉप्शन काउंसलिंग सेंटर, IVF सेंटर में हुआ आगाज

Spread the News

चंडीगढ़: एडॉप्शन काउंसलिंग सेंटर में वर्ल्ड आईवीएफ-डे के मौके पर पहले एडॉप्शन काउंसलिंग सेंटर का आगाज हुआ है, जिन कपल्स को किसी कारण औलाद नहीं होती, तो उनके लिए एडॉप्शन ही आखिरी विकल्प रह जाता है, लेकिन एडॉप्शन को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां हैं। कई लोग जानकारी के अभाव में इस बारे में सोचते भी नहीं और संतान सुख को तरसते रहते हैं। उनके लिए आईवीएफ सेंटर में ही एडॉप्शन काउंसलिंग सेंटर भी शुरु किया गया है, जिसमें स्पेशल काउंसिलिंग व डॉक्टर की टीम कपल्स की मदद के लिए तैयार रहेगी। यह जानकारी आईएमए के पूर्व अध्यक्ष एवं डायरेक्टर मदर हुड चैतन्य आईवीएफ सेंटर डॉ. नीरज कुमार ने दी।

बुधवार को आयोजित हुए वर्ल्ड आईवीएफ-डे के सम्मेलन में आईवीऍफ़ एक्सपर्ट डॉ वंदना नरूला ने बताया कि चंडीगढ़ में लगभग 15% कपल्स इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझते हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। महिलाओं का देरी से मैरिज करना और फिर देरी से फैमिली प्लानिंग की ओर जाना इसका सबसे बड़ा कारण है। साथ ही सेडेंटरी लाइफ़स्टाइल के कारण पीसीओडी व अन्य हार्मोनल समस्याओं,मोटापे के कारण भी यह समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। डॉ. पूनम ने बताया कि आईवीएफ प्रेगनेंसी में काफी मुश्किलें आती हैं, लेकिन आईवीएफ द्वारा प्रेगनेंसी होने के बाद बेड रेस्ट की आवश्यकता नहीं होती, एन्टी नेटल पीरियड के दौरान महिलाओं को नार्मल दिनचर्या ही अपनानी चाहिए, लेकिन किसी भी वार्निंग साइन पर अपने डॉक्टर से सहायता लेने से गुरेज नहीं करना चाहिए।