इजराइल की सुप्रीम कोर्ट ने दिए संकेत, देशद्रोह जैसे मामलो के दोषियों की नागरिकता भी की हो सकती है रद्द

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यरुशलमः इजराइल के सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा कि सरकार आतंकवाद और देश के खिलाफ गतिविधियों को अंजाम देने वाले दोषी लोगों की नागरिकता रद्द कर सकती है। एक समाचार एजेंसी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष एस्तेर हयूत के नेतृत्व में सात जजों के एक पैनल ने कहा कि एक व्यक्ति को इजरायल राज्य के खिलाफ विश्वास के उल्लंघन का दोषी ठहराया गया है। इस तरह के दोषी, जो आतंक, देशद्रोह, जासूसी या शत्रुतापूर्ण जैसे कामों में लिप्त होते है, उन्हें नागरिकता रद्द करने का सामना करना पड़ सकता है।

राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के दोषियों की इजरायली नागरिकता रद्द हो सकती है, लेकिन उन्हें देश में रहने की अनुमति देने के लिए एक निवास परमिट जारी किया जाएगा। कोर्ट का यह फैसला आंतरिक मंत्रलय द्वारा इजरायल में 2 सऊदी अरब के व्यक्तियों को नागरिकता से इनकार करने के अनुरोध के जवाब में आया, जिन्हें दो अलग-अलग हमलों को अंजाम देने का दोषी ठहराया गया था। इनके नाम मोहम्मद मफराजा और अला जि़उद है। मोहम्मद मफराजा ने 2012 में तेल अवीव में एक बस में विस्फोटक उपकरण लगाया था, जिसमें 24 लोग घायल हो गए थे। वहीं अला जि़उद ने 2015 में उत्तरी इजराइल के गण शमूएल जंक्शन पर छुरा घोंपकर हमला किया था, जिसमें चार लोग घायल हो गए थे। अदालत ने प्रस्तुत की गई प्रक्रियाओं में खामियों के चलते उनकी नागरिकता रद्द करने के मंत्रालय के अनुरोधों को ठुकरा दिया।