Sawan Special: क्या आप सावन सोमवार व्रत के दौरान ओट्स खा सकते हैं?

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, सावन का महीना साल का सबसे पवित्र महीना होता है। यह शुभ मास (माह) भगवान शिव के भक्तों के बीच खुशी की अनुभूति लाता है। इस वर्ष सावन का उत्सव 14 जुलाई से शुरू हो चुका है। इस शुभ महीने के सोमवार को भक्त भोलेनाथ का व्रत भी करते हैं। व्रत के दौरान लोग सात्विक भोजन करते हैं लेकिन डाइट कर रहे लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या वो सावन के दौरान ओट्स का सेवन कर सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं कि सावन व्रत में ओट्स खाने चाहिए या नहीं।

सावन व्रत में ओट्स खाना चाहिए या नहीं?

फाइबर में उच्च और कैलोरी में कम होने के कारण ओट्स आजकल सबका पसंदीदा नाश्ता बन गया है। ओट्स विभिन्न आवश्यक विटामिन और खनिजों से भरे हुए हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। साथ ही इससे वजन घटाने में भी काफी मदद मिलती है इसलिए ज्यादातर लोग व्रत के दौरान ओट्स का सेवन करना चाहते हैं ताकि उन्हें हमेशा अधिक खाने की इच्छा किए बिना पूरे दिन के लिए पर्याप्त ऊर्जा मिल सके लेकिन ओट्स जई से बनते हैं जोकि साबुत अनाज है। हिंदू पौराणिक कथाओं और उपवास के नियमों के अनुसार, व्रत में अनाज (अंज) खाने की अनुमति नहीं है।

व्रत में क्यों नहीं खाने चाहिए ओट्स?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अनाज, मांस, शराब, नमक, प्याज, लहसुन का सेवन नकारात्मक वाइब्स या ऊर्जा को आकर्षित करता है। अगर तार्किक रूप से देखा जाए तो जई या कोई भी साबुत अनाज खाने से पचने में अधिक समय लगता है जो उपवास के दौरान अपच का कारण बन सकता है।

इसके अलावा, उपवास के दौरान शरीर डिटॉक्सीफिकेशन मोड में चला जाता है, जहां आपको अपने आहार को आसान और हल्का रखने की आवश्यकता होती है। ऐसे में व्रत के दौरान हमेशा फलों जैसे हल्के और आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

ओट्स की जगह क्या खा सकते हैं?

ओट्स की जगह आप व्रत के दौरान कुट्टू, वाटर कैलट्रॉप या सिंघाड़ा और साबूदाना खा सकते हैं, जिसमें कोई जटिल कार्ब्स नहीं होते। यह पचाने में भी आसान होते हैं और वजन को भी कंट्रोल में रखते हैं। वहीं, उपवास के दौरान इन्हें खाने की भी मनाही नहीं होती क्योंकि यह सात्विक भोजन का हिस्सा माने जाते हैं।