फ्री Spoken English Course मुहैया करवाएगी दिल्ली सरकार, Arvind Kejriwal बोले – हर उम्र के लोग ले सकते हैं एडमिशन

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नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि राजधानी में 16 साल के किशोर से लेकर 35 वर्ष तक का हर युवा अब फर्राटेदार अंग्रेज़ी बोल सकेगा क्योंकि दिल्ली सरकार निःशुल्क ‘स्पोकन इंग्लिश कोर्स’ शुरू करने जा रही है। श्री केजरीवाल ने बताया कि यह कोर्स पूरी तरह से निःशुल्क है, लेकिन शुरू में 950 रुपए सिक्योरिटी के तौर पर लिया जाएगा, ताकि ऐसा न हो कि एडमिशन लेने वाले किशोर और युवा इस कोर्स को गंभीरता से न लें। जो कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करेंगे और उनकी उपस्थिति पूरी होगी, उनको 950 रुपए वापस कर दिए जाएंगे। हम मैक्समिलन और वर्ड्स वर्थ के साथ टाई-अप कर रहे हैं और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी पूरे कोर्स का आकलन करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंग्लिश का बेसिक ज्ञान रखने वाले आठवीं पास 16 साल के किशोर से लेकर 35 वर्ष तक के युवा इसमें एडमिशन ले सकेंगे और जो नौकरी कर रहे हैं, वे इवनिंग या वीकेंड में कोर्स कर सकेंगे। हम पहले साल फेज वन में एक लाख पात्र किशोरों और युवाओं को स्पोकन इंग्लिश की ट्रेनिंग देंगे और इसके लिए पूरी दिल्ली में 50 सेंटर खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि हम देखते हैं कि किस तरह से गरीबों, लोअर मिडिल क्लास और कई मिडिल क्लास के किशोरों और युवाओं का हाथ इंग्लिश में तंग रहता है और वो अंग्रेजी ठीक से बोल नहीं पाते हैं। इस वजह से उनको अच्छी नौकरी मिलने में दिक्कत होती है, इनको इस कोर्स से बहुत लाभ होगा।

श्री केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन कर आज कहा कि हम देखते हैं कि किस तरह से गरीबों, मध्यम वर्ग और कई मिडिल क्लास के किशोरों और युवाओं का हाथ अंग्रेजी में तंग होता है। वे अंग्रेजी ठीक से बोल नहीं पाते हैं। इस वजह से 16 साल के किशोर से लेकर 35 वर्ष तक का युवा अपनी जिंदगी में पीछे रह जाते हैं। उनको नौकरी मिलने में दिक्कत होती है। उनकी कम्युनिकेशंस स्किल्स कमजोर हो जाती है। दिल्ली के अंदर शिक्षा के क्षेत्र में जबरदस्त क्रांति हुई है। सरकारी स्कूलों में गरीबों के बच्चों को अब शानदार शिक्षा मिलने लगी है। हम नहीं चाहते हैं कि जिन बच्चों के पास सारी सुविधाएं हैं, उन बच्चों से किसी भी हाल में हमारे बच्चे किसी भी क्षेत्र में कमजोर हों। इसलिए दिल्ली सरकार ने 16 साल के किशोर से लेकर 35 वर्ष तक के जिन युवाओं की अंग्रेजी कमजोर है, उनके लिए स्पोकन इंग्लिश का कार्यक्रम लेकर आई है। हम उनकी अंग्रेजी अच्छी करेंगे, उनको अच्छा अंग्रेजी बोलना सिखाएंगे और उनकी कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छी करेंगे।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने आठवीं की पढ़ाई पूरी कर ली है और उनकी कम्युनिकेशन स्किल कमजोर है। उनको नौकरी मिलने में दिक्कत हो रही है। ऐसे किशोरों और युवाओं को अंग्रेजी का बेसिक ज्ञान होना चाहिए। यानी कि आठवीं तक की कम से कम अंग्रेजी का बेसिक ज्ञान होना चाहिए। हम पहले साल पहले चरण में ऐसे एक लाख पात्र किशोरों और युवाओं को इंग्लिश की ट्रेनिंग देंगे। पहले चरण के तहत इंग्लिश स्पोकन ट्रेनिंग देने के लिए पूरी दिल्ली में 50 सेंटर खोले जाएंगे। इसके बाद सेंटर और भी बढ़ाया जाएगा। सोलह साल के किशोर से लेकर 35 वर्ष तक के युवाओं को इसमें एडमिशन मिलेगा। तीन से चार महीने का यह कोर्स होगा। ऐसे किशोर और युवा कई बार नौकरी कर रहे होते हैं। इनके लिए इवनिंग और वीकेंड कोर्स की सुविधाएं होंगी और वे इवनिंग या वीकेंड में कोर्स कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैसे तो यह कोर्स निःशुल्क है। इसकी कोई फीस नहीं लगेगी, लेकिन शुरू में 950 रुपए सिक्योरिटी ली जाएगी, ताकि ऐसा न हो कि 16 साल के किशोर से लेकर 35 वर्ष तक के युवा आएं और कोर्स को गंभीरता से न लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसा मैंने बताया कि इस कोर्स के पहले फेज में करीब एक लाख 16 साल के किशोर से लेकर 35 वर्ष तक के युवा होंगे। अंग्रेजी बोलने का सब लोगों को जरूरत पड़ती है। हमें ऐसा लगता है कि इसके लिए 16 साल के किशोर से लेकर 35 वर्ष तक के युवाओं की बहुत लंबी कतार लगेगी और इनमे इस कोर्स की काफी मांग होगी। हम नहीं चाहते हैं कि कोई एक सीट खराब करे, वो दो दिन कोर्स करे और फिर चला जाए। इसलिए शुरू में आपको 950 रुपए सिक्योरिटी जमा करनी पड़ेगी। अगर आप कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर लेते हैं और आपकी उपस्थिति पूरी होती है, तो कोर्स के अंत में सिक्योरिटी के तौर पर जमा 950 रुपए आपको वापस मिल जाएंगे। इस कोर्स के लिए फीस कोई नहीं हैं, लेकिन आपको सिक्योरिटी के तौर पर 950 रुपए जमा करने होंगे।

उन्होंने कहा कि हमारा सपना है कि देश का चाहे अमीर का बच्चा हो, चाहे गरीब का, सबको अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए। सबको एक जैसी शिक्षा मिली चाहिए। हमारे गरीबों के बच्चों और मध्यम वर्ग के बच्चों को भी किसी तरह से कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उनको साधनों का अभाव नहीं होना चाहिए। उसी दिशा के अंदर यह किया जा रहा है। मैं उम्मीद करता हूं कि 16 साल के किशोर से लेकर 35 वर्ष तक के युवाओं को इससे बहुत लाभ होगा। उनको नौकरी मिलने में भी सुविधा होगी और उनका व्यक्तिगत विकास भी होगा।