लुधियाना: विदेश जाने के लिए प्लाट बेचने नहीं दे रहा था बड़ा भाई, छोटे ने 5 लाख की सुपारी देकर मरवाया

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लुधियाना: गांव ससराली में बिल्डिंग मैटीरियल स्टोर के मालिक बलकार सिंह की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस हत्या को बलकार के छोटे भाई गुरदीप सिंह ने अपने साथियों के साथ अंजाम दिया था। उसने अपने बड़े भाई को मौत के घाट उतारने के लिए 5 लाख की सुपारी दी थी, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गुरदीप सिंह उर्फ दीपा, ई.डब्ल्यू.एस. कालोनी निवासी सौरव कुमार को गिरμतार कर लिया है, जबकि कुलदीप सिंह व गोरी अभी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों से बाइक और कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। पुलिस आरोपियों का तीन दिन का रिमांड हासिल कर पूछताछ कर रही है।

पुलिस कमिश्नर डॉ. कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि बिल्डिंग मैटीरियल स्टोर के मालिक बलकार सिंह व उसके भाइयों ने गांव में 600 गज का प्लाट ले रखा था। आरोपी गुरदीप परिवार वालों को बोलता था कि प्लाट को बेचकर मुझे विदेश भेजो। वह बलकार सिंह को कई बार इस बारे बोल चुका था लेकिन बलकार सिंह वह प्लाट नहीं बेच रहा था। इस बात को लेकर गुरदीप सिंह अपने बड़े भाई बलकार सिंह से रंजिश रखने लगा था। इसी रंजिश में गुरदीप सिंह ने अपने बड़े भाई की सुपारी दे डाली। पुलिस के मुताविक गुरदीप सिंह ट्रीटमैंट प्लांट में काम करता था। उसी प्लांट में सौरव, कुलदीप व गोरी काम करते थे। दिसंबर में बलकार सिंह पर कातिलाना हमला हुआ था। हमलावरों ने अपनी तरफ से तो बलकार को मारकर ही रास्ते मे फैंक दिया था, परंतु बलकार सिंह की जान बच गई थी। यह कातिलाना हमला भी इन आरोपियों की तरफ से किया गया था। इसके लिए आरोपियों को 1 लाख रुपए दिए गए थे। उस वक्त थाना टिब्बा की पुलिस जब अस्पताल में पहुंची तो गुरदीप सिंह की तरफ से पुलिस को गुमराह किया गया एवं उसने कहा कि वह कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहते क्योंकि यह एक एक्सीडैंट है। जब इलाज के उपरांत बलकार ठीक हुआ तो उनसे अपने परिवार के सदस्यों को बताया की मुझ पर कातिलाना हमला हुआ था, जिसके बाद उसने थाने में शिकायत की थी।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। गुरदीप सिंह को शक हो गया कि वह गिरफ्तार हो सकता है। अब उसने बलकार को मौत के घाट उतारने का पूरा प्लान तैयार किया और 5 लाख रुपए सुपारी देकर अपने भाई का कत्ल करवा दिया। वहीं वीरवार को प्लानिंग के मुताबिक सौरव ने बलकार को फोन किया और यह कहकर उसे सतलुज दरिया के पास बुलाया कि उसने रेत व बजरी के कुछ डंप उसे दिखाने हैं। बलकार सिंह अपनी कार में सौरव के बुलाने पर गांव ससराली सतलुज दरिया के निकट पहुंचा, जहां सौरव, कुलदीप व गोरी के तेजधार हथियार से उसका कत्ल कर शव झाड़ियों में फैंक दिया।