श्री दुर्ग्याणा कमेटी का चुनाव आज: 4 मुख्य पदों के लिए मैदान में उतरे 12 प्रत्याशी, आज शाम तक होगा जीत का फैसला

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अमृतसर: श्री दुर्ग्याणा कमेटी के प्रधान, महासचिव, वित्त सचिव तथा मैनेजर पद के लिए आज चुनाव होने जा रहे हैं। इसके लिए मतदान सुबह 9 बजे से शुरू हो चुका है जो सायं 5 बजे तक चलेगा। उक्त चार पदों के लिए कुल 12 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला आज शाम तक हो जाएगा। इनमें प्रधान और वित्त सचिव पद के लिए तीन-तीन, महासचिव पद के लिए दो तथा मैनेजर पद के लिए चार उम्मीदवार चुनावी अखाड़े में हैं। कमेटी के करीब 1100 सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। रविवार की देर शाम तक चारों पदों के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

वहीं मुख्य चुनाव अधिकारी बी.के. बजाज के अनुसार प्रधान पद के लिए एडवोकेट रमेश शर्मा, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला तथा अजय कपूर मैदान में हैं। महासचिव पद पर मुख्य मुकाबला अरुण खन्ना और राजीव जोशी के बीच होगा। वित्त सचिव पद पर इंजीनियर रमेश शर्मा, बिमल अरोड़ा और सी.ए. शरत सेखड़ी के बीच मुकाबला होगा। मैनेजर पद के लिए सुरिंदर गोगा, अनिल शर्मा, विपन चोपड़ा तथा सुकरात कालड़ा आमने-सामने हैं। एडवोकेट रमेश शर्मा प्रधान पद पर तथा अरुण खन्ना महासचिव पद पर दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि लक्ष्मीकांता चावला, अजय कपूर, राजीव जोशी, इंजीनियर रमेश शर्मा, बिमल अरोड़ा, शरत सेखड़ी, विपन चोपड़ा, सुकरात कालड़ा, सुरेंद्र गोगा तथा अनिल शर्मा पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं।

7 साल बाद हो रहे कमेटी के चुनाव

श्री दुर्ग्याणा कमेटी के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब 24 जुलाई को कमेटी के चार पदों के लिए बैलेट पेपर से चुनाव होंगे। बीते 45 साल में कई बार हुए चुनाव में उठापटक भी हुई, लेकिन कभी भी चुनावी प्रक्रिया में बैलेट पेपर का प्रयोग नहीं हुआ। कमेटी के प्रधान, महासचिव, वित्त सचिव तथा मैनेजर पद के लिए हर पांच साल बाद चुनाव होते हैं। पिछले चुनाव नवंबर 2015 में हुए थे, जो दोबारा सन 2020 में होने थे, लेकिन कोरोना के चलते चुनाव दो सालों से लंबित चले आ रहे थे। अबकी बार बैलेट पेपर से चुनाव करवाने का फैसला 12 जून को मंदिर कार्यालय में हुई कमेटी की मीटिंग में किया गया था। अतीत में चारों पदों पर चुनाव हाथ उठाकर ही होते रहे हैं। मजीठ मंडी में शहर के प्रमुख कारोबारी रहे गोपी चंद भाटिया लगभग 1970 से सन 2004 तक कमेटी के प्रधान रहे। सन 2004 से मार्च 2006 तक सुरेंद्र अर्जुन प्रधान बने। मार्च 2006 में कांग्रेस-भाजपा समझौते के तहत सन 2006 में हरनाम दास अरोड़ा के हाथ में कमेटी की कमान आ गई। सन 2010 के चुनाव में सतपाल महाजन प्रधान चुने गए। सन 2015 के चुनाव में एडवोकेट रमेश शर्मा प्रधान बने, जोकि अभी तक भी हैं। इससे पहले रमेश शर्मा 2006 में मैनेजर तथा 2010 में महासचिव पद पर चुने गए थे।