आपराधिक इतिहास वाले व्यक्ति को मंत्री बनाए रखना है या नहीं, इसका फैसला मुख्यमंत्री करेंगे : Supreme Court

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नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने धनशोधन के एक मामले में दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरμतारी के बाद उन्हें मंत्रिमंडल से निलंबित करने के अनुरोध संबंधी याचिका बुधवार को खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि यह मुख्यमंत्री को विचार करना है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को मंत्री के रूप में बनाए रखना चाहिए या नहीं। हाईकोर्ट ने कहा कि शपथ भंग करने वाले व्यक्ति को हटाने के लिए राज्यपाल या मुख्यमंत्री को निर्देश देना कोर्ट का काम नहीं है। यह कर्तव्य है कि वह इन प्रमुख कर्तव्य धारकों को संविधान के सिद्धांतों को बनाए रखने, संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए उनकी भूमिका के बारे में याद दिलाए। कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल के सदस्यों को चुनने और मंत्रिपरिषद की नियुक्ति से संबंधित नीति तैयार करने में अपने विवेक का प्रयोग करते हैं।

चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा, ‘भारत के संविधान की अखंडता को बनाए रखने के लिए मंत्रिपरिषद की सामूहिक जिम्मेदारी है, और इस बात पर मुख्यमंत्री को विचार करना है कि क्या कोई व्यक्ति जिसकी आपराधिक पृष्ठभूमि है या उन पर नैतिक पतन से जुड़े अपराधों का आरोप लगाया गया है, उन्हें नियुक्त किया जाना चाहिए और उन्हें मंत्री के रूप में बने रहने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं।’ पीठ ने भारतीय संविधान के जनक डा. बी.आर. आंबेडकर के एक बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘सुशासन केवल अच्छे लोगों के हाथ में होता है। भले ही कोर्ट अच्छे या बुरे के फैसले में नहीं पड़ सकती, लेकिन यह निश्चित रूप से संवैधानिक पदाधिकारियों को हमारे संविधान के लोकाचार को संरक्षित करने और बढ़ावा देने की याद दिला सकती है।

ऐसी धारणा है कि मुख्यमंत्री को ऐसे संवैधानिक सिद्धांतों से अच्छी सलाह और मार्गदर्शन मिलेगा।’ पीठ ने कहा, ‘यह कोर्ट पूरी तरह से डा. बी.आर. आंबेडकर की टिप्पणियों से सहमत है और उम्मीद करती है कि मुख्यमंत्री लोगों का नेतृत्व करने के लिए व्यक्तियों की नियुक्ति करते समय लोकतंत्र की नींव रखने वाले विश्वास को कायम रखते हैं।’ कोर्ट का यह फैसला भाजपा के पूर्व विधायक नंद किशोर गर्ग की उस याचिका को खारिज करते हुए आया है जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) द्वारा धन शोधन के एक मामले में गिरμतारी के बाद 30 मई से हिरासत में चल रहे दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को निलंबित करने का अनुरोध किया गया था।