35 से ज्यादा देशों में 1,010 बच्चें गंभीर हैपेटाइटिस से पीड़ित, ज्यादातर मामलों के लिए जिम्मेदार AAV2

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लदंनः इस साल अप्रैल और जुलाई के बीच 35 से ज्यादा देशों में बच्चों में गंभीर हैपेटाइटिस के 1,010 मामले सामने आए, जिनका कोई संभावित कारण पता नहीं चल पाया। इनमें से लगभग आधे मामले यूरोप से सामने आए, जिसमें से एक चौथाई रोगी ब्रिटेन के थे। आमतौर पर बच्चों में हैपेटाइटिस की बीमारी, हैपेटाइटिस ‘ए’ या ‘बी’ वायरस के संक्रमण के कारण होती है लेकिन इन बच्चों में ऐसे वायरस की मौजूदगी का पता नहीं चला।

शुरुआती जांच में एडेनो वायरस संक्रमण और हैपेटाइटिस के इन मामलों के बीच संभावित कड़ी सामने आई। एडेनो वायरस का संक्रमण होना, विशेषकर बच्चों में आम बात है। इस प्रकार के वायरस से हल्का सर्दी जुकाम, गुलाबी आंखें (कंजक्टिवाइटिस) या पेट खराब होने जैसी समस्याएं होती हैं। परंतु अगर यह यकृत तक पहुंच जाए तो दुर्लभ मामलों में हैपेटाइटिस हो सकता है। बच्चों में एडेनो वायरस संक्रमण आम होना और इस वायरस से स्वस्थ लोगों का हैपेटाइटिस से पीड़ित होना दुर्लभ होने की वजह से यह कहना कठिन था कि वायरस के इसी स्वरूप से उन्हें हैपेटाइटिस हुआ होगा। एक नए अध्ययन में सामने आया है कि बच्चों में गंभीर हैपेटाइटिस के मामलों में वृद्धि के एक साथ तीन कारण हो सकते हैं- एडेनो वायरस, एडेनोएसोसिएटेड वायरस 2 (एएवी 2) और इस बीमारी से पीड़ित होने के लिए जीन में पहले से मौजूद कुछ कमियां।

अनुसंधानकर्त्ताओं के एक दल ने एक अध्ययन के दौरान अप्रैल में सामने आए हैपेटाइटिस के मूल 9 मामलों को देखा और कई तरह की जांच की। दल को पता चला कि सभी 9 बच्चे ए.ए.वी. 2 वायरस से संक्रमित थे। इसके बाद अनुसंधानकर्त्ताओं ने अपने नतीजों की तुलना 13 स्वस्थ बच्चों और 12 ऐसे बच्चों से की जो एडेनो वायरस से संक्रमित थे मगर उन्हें हैपेटाइटिस नहीं था।

हैपेटाइटिस के मामलों के लिए ए.ए.वी. 2 था जिम्मेदार

इनमें से किसी भी बच्चे में ए.ए.वी. 2 वायरस नहीं पाया गया। इससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि इन रहस्यमयी हैपेटाइटिस के मामलों के लिए ए.ए.वी. 2 जिम्मेदार था। एडेनो-एसोसिएटेड वायरस 2, उन वायरसों के समूह से आता है जिन्हें डेपेंडोपार्वो वायरस कहा जाता है। यह वायरस मनुष्यों और वानर प्रजाति के कुछ जानवरों को संक्रमित करता है। रोचक बात यह है कि मेजबान शरीर को संक्रमित करने के लिए इस वायरस को, उसी समय एक अन्य वायरस द्वारा मेजबान को संक्रमित करने की जरूरत होती है। यह वायरस, उस सहायक वायरस के इस्तेमाल से मानव कोशिकाओं के भीतर अपने प्रतिरूप बनाता जाता है। ए.ए.वी. 2 के लिए सबसे आम सहायक वायरस एडेनो वायरस और हर्पीस वायरस है।

9 में से 6 मरीजों में एक-एक एडेनो वायरस मौजूद था

अनुसंधानकर्त्ताओं ने पाया कि 9 में से 6 मरीजों में एक-एक एडेनो वायरस मौजूद था तथा तीन मरीजों में हर्पीस वायरस होने के संकेत थे। इससे इस विचार को बल मिलता है कि बच्चों में हैपेटाइटिस संक्रमण ए.ए.वी. 2 और इन सहायक वायरसों के कारण हुआ होगा।