पंजाब के MSME समूहों के विकास के लिए उद्योगपति और राज्य सरकार मिलकर काम करे : वित्त मंत्री Harpal Cheema

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चंडीगढ़ : पंजाब के एमएसएमई समूहों के विकास के लिए उद्योगपति और सरकार को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। वित्त, योजना, उत्पाद शुल्क और कराधान एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब सरकार ने उपलब्ध विकास संसाधनों के माध्यम से एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने और माइक्रो स्तर पर विभिन्न हितधारकों को शामिल करने की योजना बनाई है।

यूएनडीपी और एसोचैम द्वारा आज आयोजित क्षेत्रीय उद्योग वार्ता के सत्र की अध्यक्षता करते हुए केबिनेट मंत्री चीमा ने कहा कि एमएसएमई समूहों के विकास के लिए उद्योगपतियों और सरकार को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मान सरकार सूक्ष्म वित्त क्षेत्र को बढ़ावा देगी और निजी माइक्रोफाइनेंस ऑपरेटरों के लिए एक सहायक वातावरण तैयार किया जाएगा। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश से सटे पिछड़े कंडी बेल्ट में रोजगार पैदा करने के लिए अत्याधुनिक पर्यावरण के अनुकूल आईटी और अन्य उद्योग को किकस्टार्ट करने के लिए रोपड़ में विशेष प्रोत्साहन के साथ एक नई औद्योगिक टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस आयोजन में उत्तर भारत की अपनी तरह के पहले उत्तर भारत सतत आर्थिक मंच, एक ‘प्रीमियर फोरम बिल्डिंग सस्टेनेबल रीजनल इकोनॉमी’ का शुभारंभ भी देखा गया।

इस अवसर पर उमा शंकर गुप्ता, प्रबंध निदेशक, पंजाब इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन लिमिटेड और अतिरिक्त सीईओ, पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन, पंजाब सरकार, शोको नोडा, यूएनडीपी रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव इंडिया, सिमरप्रीत सिंह, संस्थापक और सीईओ, हरटेक सोलर प्राइवेट लिमिटेड मनोज रुस्तगी, चीफ सस्टेनेबिलिटी एंड इनोवेशन ऑफिसर, जेएसडब्ल्यू, अनिर्बान घोष, चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर, महिंद्रा ग्रुप, पल्लवी अत्रे, सस्टेनेबिलिटी हेड, ग्लोबल रिपोर्टिंग इनिशिएटिव और रूहाना जरीवाला, ग्लोबल हेड – सस्टेनेबिलिटी, सिप्ला उपस्थित थे।