केजरीवाल सरकार ने वापिस ली नई आबकारी नीति, अब सरकारी दुकानों के ज़रिए ही शराब की होगी बिक्री

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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति को फिलहाल वापस लेकर सरकार द्वारा संचालित दुकानों के ज़रिए ही शराब की बिक्री का निर्देश दिया है। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि गुजरात में भाजपा अवैध शराब का कारोबार चला रही है और अब दिल्ली में भी ऐसा ही करना चाहती है। सिसोदिया के पास दिल्ली सरकार का आबकारी विभाग भी है।

सिसोदिया ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली के मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि शराब अब केवल सरकारी दुकानों के माध्यम से ही बेची जाए और इस मामले में कोई अराजकता न हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शराब की दुकानों के लाइसेंसधारियों और आबकारी अधिकारियों को धमकाने के लिए सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है। कई लाइसेंसधारियों ने दुकानें बंद कर दी हैं और आबकारी अधिकारी खुदरा लाइसेंस की खुली नीलामी शुरू करने को लेकर डरे हुए थे।

सिसोदिया ने आरोप लगाया कि वह शराब की कमी पैदा करके अवैध व्यापार करना चाहते हैं , जैसा कि गुजरात में हो रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार ऐसा नहीं होने देगी। नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली में इस समय करीब 468 शराब की दुकानें संचालित हैं। इस नीति की अवधि को 30 अप्रैल के बाद दो बार दो-दो महीने के लिए बढ़ाया गया था। यह अवधि 31 जुलाई को समाप्त होगी।