Canada के आवासीय स्कूलों में Church ने जो किया वह सांस्कृतिक ‘जनसंहार’ था : Pope Francis

Spread the News

पोप का विमानः पोप फ्रांसिस ने शनिवार को स्वीकार किया कि कनाडा में चर्च द्वारा संचालित आवासीय स्कूलों के माध्यम से मूलनिवासियों की संस्कृति को खत्म करने का प्रयास करना सांस्कृतिक जनसंहार था। कनाडा से वेटिकन जाते हुए रास्ते में उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने स्कूलों में कैथोलिक चर्च की भूमिका के लिए माफी मांगने के वास्ते की गई यात्र के दौरान इस शब्द का इस्तेमाल इसलिए नहीं किया क्योंकि उस समय वह उनके ध्यान में नहीं आया।

कनाडा के ‘ट्रुथ एंड रीकन्सीलिएशन’ आयोग ने 2015 में कहा था कि मूलनिवासियों के बच्चों को जबरन घर से निकालकर उन्हें आवासीय स्कूलों में रखना ह्लसांस्कृतिक जनसंहारह्व था। लगभग 1,50,000 बच्चों को 19वीं शताब्दी के अंत से 1970 के दशक तक जबरन कनाडाई और ईसाई परिवेश में लाने के लिए चर्च के आवासीय स्कूलों में रखा जाता था। इस दौरान उनका यौन शोषण और पिटाई होना आम बात थी।

बहुत से बच्चों को उनकी मूल मातृभाषा बोलने पर भी पीटा जाता था। फ्रांसिस ने कहा, यह सच है कि मैंने उस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि वह मेरे ध्यान में नहीं आया लेकिन मेरा मतलब जनसंहार से ही था। उन्होंने कहा, कि मैंने जनसंहार के लिए माफी मांगी।

Exit mobile version