पहली तिमाही में फार्मा निर्यात आठ प्रतिशत बढक़र 6.26 अरब डॉलर पर

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देश का फार्मा (दवाएं आदि) निर्यात चालू वित्त वर्ष (2022-23) की पहली तिमाही में आठ प्रतिशत बढक़र 6.26 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि 2022-23 में भारत से दवाओं आदि के निर्यात में 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। भारतीय औषधि निर्यात संवर्द्धन परिषद (फार्मेक्सिल) के महानिदेशक उदय भास्कर ने यहां कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद यूरोपीय संघ और स्वतंत्र देशों के राष्ट्रकुल (सीआईएस) देशों को निर्यात में सुधार की उम्मीद है। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से इन देशों को फार्मा निर्यात प्रभावित हुआ है।

‘‘पहली तिमाही में हमारा निर्यात आठ प्रतिशत बढ़ा है। अमेरिका को हमारा निर्यात 3.6 प्रतिशत बढ़ा है। हमारे कुल निर्यात में अमेरिका का हिस्सा करीब 30 प्रतिशत है।’’ उन्होने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त होने के बाद यूरोपीय संघ और सीआईएस देशों को हमारा निर्यात बढ़ेगा। चालू वित्त वर्ष में हमारा फार्मा निर्यात करीब 27 अरब डॉलर रहेगा।’’ बीते वित्त वर्ष 2021-22 में देश का फार्मा निर्यात 24.61 अरब डॉलर रहा था, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2020-21 की तुलना में एक प्रतिशत अधिक है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने हाल में कहा था कि ‘मेड इन इंडिया’ फार्मा उत्पादों का निर्यात अप्रैल-जून, 2022 में 2013 की समान अवधि के मुकाबले 146 प्रतिशत बढ़ा है। भास्कर ने कहा कि इस दौरान 100 से अधिक देशों को कोविड-19 टीके की 23.9 करोड़ खुराक का निर्यात किया गया। टीकों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है।