आज है सावन की विनायक चतुर्थी, 108 बार करें भगवान गणेश के बीज मंत्र का जाप और जानिए शुभ मुहूर्त के बारे में

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सावन का महीना भगवान शिव जी को समर्पित होता है। सावन के महीने में हर बार विनायक चतुर्थी बहुत ही धूम धाम से मनाई जाती है। आज नए महीने के पहले दिन विनायक चतुर्थी मनाई जा रही है। आज के दिन भगवान शिव जी के साथ साथ उनके पुत्र गणेश जी की पूजा की जाएगी। आज के दिन भगवान गणेश जी की विधिवत पूजा करने से सभी विघ्न दूर होते हैं। आइए जानते है सावन की विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में विस्तार से:

सावन विनायक चतुर्थी व्रत 2022 शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, एक अगस्त 2022 को प्रातः 4.18 बजे से विनायक चतुर्थी प्रारंभ होगी और 02 अगस्त 2022 को सुबह 5.13 बजे समाप्त होगी. गणेश जी की पूजा का शुभ मुहूर्त 01 अगस्त को सुबह 11.06 बजे से दोपहर 1.48 बजे तक रहेगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12.54 बजे तक है. उदयातिथि के अनुसार, सावन मास की विनायक चतुर्थी का व्रत 1 अगस्त 2022 को है.

सावन विनायक चतुर्थी पूजा विधि
सावन विनायक चतुर्थी की पूजा करने के लिए सुबह उठकर दैनिक कार्य से निवृत्त होकर स्नान करें. इसके बाद पूजा स्थल पर भगवान गणेश का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें. पूजा की चौकी पर पीले रंग का कपड़ा रखें और उस पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें.

अब भगवान गणेश की षोडशोपचार पूजा करें. पूजा के दौरान उन्हें रोली, मौली, जनेऊ, दूर्वा, फूल, पंचमेव, पंचामृत, चावल, मोदक, नारियल के लड्डू आदि चढ़ाएं. इसके बाद भगवान को धूप-दीप जलाकर गणेश चालीसा का पाठ करें.

भगवान गणेश के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें. विनायक चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें. इसके बाद गणेश जी की आरती कर प्रसाद बांटें. विनायक चतुर्थी को चंद्रमा नहीं देखना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा को देखने से झूठा कलंक लगता है तो इस बात का खास ख्याल रखें.