Monkeypox: रोकथाम के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए दिशा-निर्देश, भारत में हो चुकी है एक मौत

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस के साथ-साथ भारत में ‘मंकीपॉक्स’ का कहर भी बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को इसकी रोकथाम के लिए दिशा-निर्देशों जारी किए हैं। इसका उद्देश्य भारत को ‘मंकीपॉक्स’ के लिए तैयार करना है क्योंकि कई देशों में इस बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत में भी इस बीमारी के कुछ मामले सामने आए हैं। वहीं, ‘मंकीपॉक्स’ से एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।

क्या है मंकीपॉक्स?

मंकीपॉक्स एक दुर्लभ वायरल बीमारी है जो आमतौर पर जंगली जानवरों से लोगों में फैलती है। यह रोग शरीर के तरल पदार्थ, श्वसन बूंदों और अन्य दूषित पदार्थों के माध्यम से प्रेषित किया जा सकता है। मंकीपॉक्स आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक चलने वाले लक्षणों के साथ एक स्व-सीमित बीमारी है। गंभीर मामले आमतौर पर बच्चों में अधिक होते हैं और वायरस के जोखिम की सीमा, रोगी के स्वास्थ्य की स्थिति और जटिलताओं की प्रकृति से संबंधित होते हैं।

मंकीपॉक्स के लक्षण

– बुखार
– सिरदर्द
-मांसपेशियों में दर्द और पीठ दर्द
– सूजी हुई लसीका ग्रंथियां
-गहरी कमजोरी
– ठंड लगना और/या पसीना आना
– थकावट
– एक दाने जो चेहरे पर, मुंह के अंदर और शरीर के अन्य हिस्सों पर दिखाई देने वाले फुंसी या फफोले जैसा दिख सकता है।

केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश

– मंत्रालय ने संक्रमित मरीज या उनकी चीजें जैसे बर्तन, बिस्तर, तौलिया आदि से दूर रहने की हिदायत दी है।
– किसी संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं तो मास्क और गलब्स का इस्तेमाल करिए। आप चाहे तो PPE किट भी यूज कर सकते हैं।
-साबुन या सैनिटाइजर से नियमित हाथ धोते रहिए।
– मंकीपॉक्स संक्रमित मरीज के साथ यौन संबंध ना बनाएं।
– प्री-स्कूल बच्चों को डे केयर, नर्सरी या अन्य समूह सेटिंग से दूर रखें।
– संक्रमित व्यक्ति के कपड़ो को अलग धोएं।
– लक्षण दिखने के बाद खुद को क्वारंटीन कर लें और सार्वजनिक इवेंट या मीटिंग में ना जाएं।

मंकीपाॅक्स होने पर किन बातों का रखें ध्यान

. मंकीपाॅक्स से संक्रमित मरीज खूब पानी पीएं, ताकि शरीर हाइड्रेट रहे।
. इम्यूनिटी बढ़ाने वाले चीजों का सेवन करें, ताकि शरीर को बीमारी से लड़ने की ताकत मिले।
. सामान्य स्वस्थ लोग संक्रमित व्यक्ति या जानवरों के संपर्क में आने बचें।
. मंकीपाॅक्स के लक्षण दिखने पर डाॅक्टर या एक्सपर्ट की सलाह लें।