मानसून में पेट की बीमारियों से रहें सावधान, नहीं तो हो सकता है ये बड़ा नुकसान

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मानसून का मजा तभी है, जब आप अपने खान-पान पर ध्यान दें और स्वस्थ रहें, क्योंकि इससे कई खतरनाक पेट की बीमारी से आप बच सकती हैं। मानसून आते ही चारों तरफ खुशियों का माहौल शुरू हो जाता है। मनुष्य से लेकर पेड़- पौधे, खेत खिलहान, जानवरों और पक्षियों सब में खुशियों की लहर दौड़ जाती है। ऐसे में जहां ये दृश्य सबको आनंद देते हैं, वहीं इसके साथ कुछ खास पेट की बीमारियां भी इस मौसम की देन होती हैं, जिसके लिए किसी भी व्यक्ति को अपना ध्यान रखने की जरुरत होती है। ऐसा देखा गया है कि इस मौसम में पेट की बीमारी तकरीबन 30 प्रतिशत बढ़ जाती है। जिससे लोग परेशान हो जाते हैं। कुछ खास बीमारी निम्न हैं, जो मानसून की देन हैं, जिसकी जानकारी होना आवश्यक है।

एक्यूट गैस्ट्राटाइट्स व लक्षण
-पेट में दर्द
-पतले दस्त या जुलाब का होना,
-फूड पॉयजनिंग का होना,
-बार-बार उल्टियां करना
– बुखार और कमजोरी का होना आदि

इलाज
इसमें ओ आर एस का घोल, नारियल पानी आदि देना सही होता है। एक दिन में अगर ये ठीक न हो तो तुरंत डाक्टर की सलाह लें। हैपाटाइटिस ए हैपाटाइटिस ए वायरस खाने में दूषित पानी की वजह से आता है। ये ‘वाटर बोर्न वायरल इंफैक्शन डिसीज’ है।

लक्षण
-इसे पीलिया भी कहा जाता है
-इसमें उल्टियां होना
-कमजोरी और बुखार का होना
-जोड़ो में दर्द का होना आदि प्रारंभिक लक्षण हैं

इलाज
इसमें खून की जांच की जाती है, इसके लिए डाक्टर की सलाह तुरंत लें, ताकि समय पर आपको जरुरत की दवा मिल सकें

टाइफायड
टाइफायड बैक्टीरियल इंफैक्शन है, जो दूषित पानी से मानसून में अधिक होता है

लक्षण
4तेज बुखार आना 4पतले दस्त होना 4उल्टियों का होना 4सिरदर्द का होना 4कमजोरी आ जाना आदि है

इलाज
ऐसा होते ही तुरंत डाक्टर के पास जाएं, क्योंकि इसमें इलाज भी खून और ‘स्टूल’ की जांच के बाद ही शुरू होता है। इन सभी पेट की बीमारियों में अधिक से अधिक साफ पानी का पीना अत्यंत आवश्यक है।