महंगाई से त्रस्त जनता को और झटका, RBI ने 0.50% बढ़ाई रेपो दर, होम-ऑटो एवं पर्सनल लोन हुआ महंगा

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नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक के बाद आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने नई पॉलिसी का ऐलान किया है। दरअसल, आरबीआई ने शुक्रवार को रेपो दरों में 50 आधार अंकों की वृद्धि करते हुए 5.40 प्रतिशत बढ़ा दिया। रेपो रेट में बढ़ोतरी का असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल होन की माहवार किश्तों पर दिखाई देगा यानि लोन लेने के लिए अब आपको ज्यादा किस्त देनी पड़ेगी। इस साल केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को कम करने के लिए आरबीआई की यह लगातार तीसरी वृद्धि है। पिछली बार भी महंगाई को काबू करने के लिए रेपो दर में ही बढ़ोतरी की गई थी।

गौरतलब है कि जून महीने में महंगाई की दर 7.01% थी जबकि मई में खुदरा महंगाई दर 7.04 थी। महंगाई दर लगातार छठी बार इस स्तर से ऊपर रही है। आरबीआई ने साल 2022-23 के लिए महंगाई दर के अनुमान को बढ़ा है। पहले यह महंगाई दर 5.7% जिसे आरबीआई ने इसे बढ़ाकर 6.7% कर दिया है।

क्या है रेपो रेट?

बता दें कि किसी देश का केंद्रीय बैंक पैसे की कमी की स्थिति में कॉमर्शियल बैंकों को पैसा उधार देता है। रेपो रेट का उपयोग मुद्रास्फीति नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। मुद्रास्फीति की स्थिति में बैंक रेपो दर बढ़ा देते हैं, ताकि कॉमर्शियल बैंक केंद्रीय बैंक से उधार लेना कम कर दें। इससे आगे चलकर अर्थव्यवस्था में पैसे की आपूर्ति घट जाती है, जिससे पैसे की कमी मुद्रास्फीति रोकने में मदद करती है।