बरेली : हरे चारे में नाइट्रेट पाए जाने से 61 गायों की हुई मृत्यु, वैज्ञानिकों ने दिए ये तर्क

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बरेली (उत्तर प्रदेश) : अमरोहा की सांथलपुर गौशाला में 61 गायों की हुई मौत की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पता चला है कि हरे चारे में नाइट्रेट पाए जाने की वजह से इन गायों की मृत्यु हुई है। भारतीय पशु चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान इज्जत नगर के निदेशक डा. त्रिवेणी सिंह ने शनिवार को बताया कि आई.वी.आर.आई. के वैज्ञानिक डाक्टर ए.जी. तैलंग, डाक्टर स्वामीनाथन और डा. आर. रघुवरण की टीम ने अमरोहा के गांव साधलपुर स्थित गौशाला का गहन निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों ने गायों के 2 शवों का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया कि गौशाला के गहन निरीक्षण में पता चला कि गायों की नांद में हरा चारा मिला था। उन्होंने बताया कि गायों ने हरा बाजरा ज्यादा खाया था, जिसमें नाइट्रेट ज्यादा पाई जाती है।

उन्होंने बताया कि पेट में अधिक मात्रा में यह पहुंचने के बाद हीमोग्लोबिन में मिलकर नुक्सान करता है, इसके बाद हीमोग्लोबिन शरीर के ऊतकों तक आक्सीजन नहीं पहुंचने देता है, जिससे वह तड़पने लगती हैं और इससे पशुओं की मौत हो जाती है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इन गायों के साथ भी ऐसा ही हुआ था। आई.वी.आर.आई. के प्रधान वैज्ञानिक डा. के. पी. सिंह ने बताया कि गायों की मृत्यु नाइट्रेट की अधिकता वाले चारे को जरूरत से अधिक खाने से हुई है।