पंजाब की गऊशालाओं में Lumpy Virus की दस्तक, कई गांवों में लक्षण दिखने पर बेसहारा छोड़े जा रहे पशु

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लुधियाना: पंजाब के 14 जिलों में लंपी स्किन संक्रमण कहर मचाने के बाद अब तेजी से अपने पैर पसार रहा है। फाजिल्का, मुक्तसर व बठिंडा सहित अन्य शहरों में पशुओं की जान लेने वाला लंपी स्किन वायरस लुधियाना के गांवों में भी दस्तक दे चुका है। इसके साथ ही पंजाब की विभिन्न गऊशाला में रखे पशुओं में भी ये वायरस तेजी से फैल रहा है क्योंकि वहां पर एक साथ ज्यादा पशु बांधने की वजह से बीमारी पशुओं को अपनी चपेट में ले रही है लेकिन राहत यह है कि जिन डेयरी पालकों से हम दूध ले रहे हैं, वो पीने से नुक्सान नहीं देगा लेकिन दूध को उबालने के बाद ही पिया जाए। इससे बैक्टीरियल संक्रमण खत्म हो जाते हैं। ये जानकारी सांझा की गुरु अंगद देव वैटर्नरी एंड एनिमल साइंस यूनिवर्सिटी डिपार्टमैंट ऑफ वैटर्नरी मैडिसन के डा. अश्विनी शर्मा ने। उन्होंने बताया कि गडवासू में भी इस बीमारी से ग्रस्त पशुओं के इलाज के लिए रोजाना फोन कॉल आ रही है। यहां तक कि गऊशाला से भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को खसरा भी कहा जाता है जो पशुओं में तेजी फैलता है। जब बीमार पशु पर मच्छर- मक्खियां बैठती हैं तो वही मक्खियां स्वस्थ पशुओं को भी इस बीमारी की चपेट में लेकर आती हैं। ऐसे में जरूरी है कि पशु पालक चिंतित होने की बजाए अपने बीमार पशु को हैल्दी पशु के संपर्क से दूर रखें।

लक्षण दिखने पर पशु को छोड़ रहे बेसहारा

जैसे-जैसे संक्रमण तेजी से फैल रहा है, वैसे ही लोग भी अपने दुधारू पशु को इस बीमारी से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं लेकिन कई जगह पर पशु में लक्षण दिखाई देने पर उसे बेसहारा छोड़ा जा रहा है, जो आने वाले समय में दूसरे पशुओं के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। वैटर्नरी माहिरों ने पशु पालकों को बोला है कि अगर किसी भी पशु में शुरुआत लक्षण दिखते हैं तो वह पशु को बेसहारा न छोड़े, बल्कि डॉक्टर के पास चैकअप करवाएं ताकि पशु की जान को बचाया जा सके।

वायरस के शिकार पशु को कहीं ले जाने में करें गुरेज

माहिरों के मुताबिक अगर पशु में लक्षण दिखते हैं तो सबसे अपने पास के किसी भी वैटर्नरी अस्पताल के डाक्टरों से संपर्क साधे ताकि पशु को समय रहते इलाज मिल सके। वहीं उसे बाहर निकालने पर गुरेज करें ताकि यह बीमार आगे न बढ़ सके।

वहीं डा. परमदीप सिंह, डिप्टी डायरैक्टर एनिमल हस्बैंडरी लुधियाना का कहना है कि हम प्रत्येक गांव में अनाऊंसमैंट के माध्यम से पशु पालकों को सुचेत कर रहे है कि वह अपने बीमार पशुओं को हैल्दी पशुओं की पहुंच से दूर रखे। पशु पालन विभाग की तरफ से दवाईयां भी उपलब्ध करवाई जा रही है जो डाक्टर की सलाह से ले सकते हैं लेकिन लक्ष्ण दिखने पर पशु पालक को अपने पास के अस्पताल में दिखाना चाहिए ताकि बीमार पर लगाम लगाई जा सके।