पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा प्रोवाइडर्स को ऊपरी आयु सीमा में छूट देने का निर्णय, अब सीधी भर्ती के लिए परीक्षा में ले सकेंगे भाग

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चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आज शिक्षा प्रोवाइडर्स, शिक्षा स्वयंसेवकों, ईजीएस संबंधी एक और कर्मचारी समर्थक फैसला लिया है। इसके तहत शिक्षा विभाग में ईटीटी अध्यापकों की सीधी भर्ती के लिए आवेदन करने के लिए आयु सीमा में छूट देने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस फैसले से अब सीधी भर्ती होने वाली परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

इस संबंध में जानकारी देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री पंजाब हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पिछले कई वर्षों से सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत शिक्षा प्रोवाइडर्स, एजुकेशन प्रोवाइडर्स, एजुकेशन वॉलंटियर, ईजीएस, एआई और एसटीआर वॉलंटियर की तरफ से पंजाब के सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दी जा रही हैं और उन्हें सीधी भर्ती के लिए पंजाब सरकार द्वारा निर्धारित आयु सीमा को पार कर लिया है, इसलिए उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आयु सीमा को बढ़ाने की मांग कर रहे थे।

मंत्री बैंस ने आगे बताया कि उन्होंने इस मामले को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के समक्ष उठाया था और सीएम मान की तरफ से इस पर गंभीर रूप से विचार करते हुए पंजाब सिविल सेवा (सामान्य और सामान्य सेवा शर्तें) नियम, 1994, नियम 19 के तहत इन नियमों के नियम पांच में छूट देते हुए प्रबंधकी विभाग में शिक्षा प्रोवाइडर्स, एजुकेशन प्रोवाइडर्स, एजुकेशन वॉलंटियर, ईजीएस, एआईई और एसटीआर वॉलंटियर के पदों के लिए आवेदन करने के लिए ऊपरी आयु सीमा में छूट देने की प्रवानगी दे दी गई है।

उन्होंने कहा कि माननीय सरकार के इस निर्णय से शिक्षा विभाग में कार्यरत लगभग 12 हजार शिक्षा प्रदाता स्वयंसेवक आवेदन करने में सक्षम होंगे और वे अनुबंध के आधार पर शिक्षा विभाग में काम करने वाले वर्षों/महीनों की ऊपरी आयु सीमा में छूट के पात्र होंगे।