गिरि पेयजल परियोजना पर गाद और बिजली की मार, ट्रांसफार्मर जलने से बिगड़ सकती है शहर की पेयजल आपूर्ति

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शिमला : भारी बारिश से बिगड़ी शहर की पेयजल व्यवस्था सुधरती नजर नहीं आ रही है। शहर की दूसरी मुख्य पेयजल परियोजना गिरि में भारी गाद आने और विद्युत बाधित होने से पंपिंग पूरी तरह ठप्प हो गई है। भारी बारिश के कारण परियोजना में 8000 एनटीयू गाद भर गई, वहीं वीरवार रात परियोजना का ट्रांसफार्मर जलने से परियोजना पूरी तहर ठप्प हो गई। ट्रांसफार्मर शुक्रवार देर रात तक नहीं बदला गया ऐसे में पूरे दिन परियोजना बंद रही। ऐसे में आज शहर की सप्लाई पूरी तहर गुम्मा परियोजना पर निर्भर है।

गिरि से पानी ना मिलने की सूरत में पानी की भारी कमी से आज शहर की वाटर सप्लाई प्रभावित रहेगी। कंपनी के अनुसार आज प्राथमिकता पर उन क्षेत्रों को पहले पानी दिया जहां चार दिनों से पानी नहीं दिय गया हैं। कंपनी ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए वाटर सप्लाई का शेडयूल जारी किया गया, क्योंकि यदि शनिवार को बिजली बहाल भी हो जाती है तब भी गिरि में पंपिंग सम्भव नहीं हो सकेंगे। कंपनी का कहना है कि गिरि में शुक्रवार को 8000 एनटीयू गाद जमा हो गई है। ऐसे में पंपिंग संभव नहीं हो पाएगी। यदि शनिवार को 2000 एनटीयू से कम गाद हुई तभी पंपिंग संभव होगी।

इस स्थिति के तहत शहर में वाटर सप्लाई को मैनेज करने का प्रयास किया जा रहा है। एजीएम वाटर सप्लाई, सुमीत सूद ने बताया कि शुक्रवार रात गिरि परियोजना का ट्रांसफार्मर चलने से शनिवार पूरे दिन परियोजना बंद रही, इसके अलावा परियोजना में 8000 एनटीयू गाद जमा हो गई है, जो अभी तक की सबसे अधिक गाद हैं। जिसके चलते रविवार और सोमवार तक कम पानी मिलेंगे इस स्थिति में उन क्षेत्रों को सप्लाई दी जाएगी जहां चार दिनों से सप्लाई नहीं हो पाई हैं। शुक्रवार को सभी पेयजल परियोजनाओं से 36.26 एमएलडी पानी मिला, जिसमें गुम्मा से 21.95 एमएलडी, गिरि से 6.67 एमएलडी, चूरट से 3.24 एमएलडी, चेड से 0.30 एमएलडी कोटी व ब्रांडी से 2.77 और सयोग से 0.30 एमएलडी पानी मिला।