Sawan Somvar Vrat: सावन का अंतिम सोमवार व्रत आज, इस विधि के साथ करें पूजा और जानिए क्या है शुभ मुहूर्त और मंत्र

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सावन का महीना 14 जुलाई से शुरू हुआ था और आज यानि के 8 अगस्त को सावन का अंतिम सोमवार व्रत रखा जा रहा है। आज के यह अंतिम सोमवार व्रत पुत्र प्राप्ति के शुभ योग के लिए भरा हुआ है। सावन का आखरी सोमवार होने के साथ साथ आज श्रावण पुत्रदा एकादशी भी मनाई जा रही है इसलिए आज इसका अधिक महत्व माना जा रहा है। जो लोग पुत्र प्राप्ति की इच्छा रखते है उनके लिए आज का व्रत और भगवान शिव जी और विष्णु जी की पूजा का बेहद लाभ प्राप्त होगा। आइए जानते है अंतिम सोमवार व्रत पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और मंत्र के बारे में:

सावन सोमवार व्रत 2022 मुहूर्त एवं शुभ योग
आज प्रात:काल से लेकर सुबह 06 बजकर 56 मिनट तक इंद्र योग है, वहीं रवि योग सुबह 05 बजकर 28 मिनट से दोपहर 02 बजकर 37 मिनट तक है. आज का शुभ समय सुबह 11 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक है. ये दोनों ही योग शिव पूजा के लिए अच्छे हैं.

सावन सोमवार व्रत 2022 मुहूर्त एवं शुभ योग
आज प्रात:काल से लेकर सुबह 06 बजकर 56 मिनट तक इंद्र योग है, वहीं रवि योग सुबह 05 बजकर 28 मिनट से दोपहर 02 बजकर 37 मिनट तक है. आज का शुभ समय सुबह 11 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक है. ये दोनों ही योग शिव पूजा के लिए अच्छे हैं.

आज बना है शुभ योग
आज सावन सोमवार के दिन एकादशी का शुभ संयोग बना है. आज सावन सोमवार व्रत के साथ श्रावण पुत्रदा एकादशी है. ये दोनों ही व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए उत्तम हैं. इसके अलावा जिन्हें भगवान शिव और श्रीहरि की पूजा साथ करनी है, उनके लिए तो यह दिन और भी अच्छा है. ऐसा संयोग बहुत कम बनता है. भगवान शिव और विष्णु जी की कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी.

शिव पूजा मंत्र
1. ओम तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।

2. ओम नम: शिवाय

3. ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

4. नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:।।

पुत्र प्राप्ति के लिए श्रीकृष्ण मंत्र
ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते।
देहि में तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:।।

आज आप पूजा के समय इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं. जो लोग पुत्र प्राप्ति के लिए आज व्रत रखे हैं, उनको पूजा के समय श्रीकृष्ण मंत्र का जाप करना चाहिए.