Corona-Monkeypox के बीच आया जानलेवा लैंग्या वायरस, liver-kidney पर कर रहा अटैक

Spread the News

कोरोना वायरस महामारी और मंकीपॉक्स के बीच चीन में एक नया वायरस पाया गया है, जिसका नाम ‘लैंग्या वायरस’ बताया जा रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि इस वायरस की चपेट में आकर 35 लोग संक्रमित हो चुके हैं। चीन और सिंगापुर के वैज्ञानिकों द्वारा न्यू इंगलैंड जर्नल ऑफ मैडीसिन में प्रकाशित एक शोध के हवाले से कहा है कि यह पशुओं से फैलने वाला हेनिपावायरस या लैंग्या हेनिपावायरस है जिसे एल.ए.वी. भी कहा जाता है। यह वायरस मनुष्यों को संक्रमित कर सकता है। बताया जा रहा है कि यह वायरस पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत और मध्य चीन के हेनान प्रांत में पाया गया और अब तक दोनों प्रांतों में 35 लोगों को संक्रमित कर चुका है। इस शोध को ए जूनोटिक हेनिपावायरस इन फेब्राइल पेशैंट्स इन चाइना टाइटल से प्रकाशित किया गया है।

ऐसे हुई वायरस की पहचान
शोध में बताया गया है कि यह नया हेनिपावायरस पूर्वी चीन में बुखार के लक्षण दिखाने वाले रोगियों के गले के स्वैब के नमूनों में पाया गया था। इन रोगियों का हाल के दिनों में जानवरों के संपर्क का इतिहास रहा है। इसका पहली बार साल 2018 के अंत में पता चला था, लेकिन अब इसकी औपचारिक रूप से पहचान कर ली गई है।

हेनिपा वायरस क्या है?
हेनिपा वायरस तीन वायरस से मिलता-जुलता है, जिसमें हेंड्रा वायरस, निपाह वायरस और सी.ई.डी.पी.वी शामिल हैं। इन आर.एन.ए. वायरस को अत्यधिक विषैला माना जाता है। पहले हेनिपावायरस, हेंड्रा वायरस (एच.ई.वी.) और निपाह वायरस (एन.आई.वी.) 1990 के दशक के मध्य में उभरे थे, जिससे पशुओं और मनुष्यों में गंभीर बीमारी का प्रकोप हुआ था।

हेनिपा वायरस के क्या हैं लक्षण
बताया जा रहा है कि इस वायरस से संक्रमित मरीजों में बुखार, थकान, खांसी, एनोरेक्सिया, मांसपेशियों में दर्द, जी मिचलाना और थकान आदि शामिल हैं। कुछ मरीजों में बुखार, चिड़चिड़ापन, खांसी, एनोरेक्सिया, मायलगिया, मतली, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण भी पाए गए हैं।

लिवर-किडनी पर कर सकता अटैक
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हेनिपावायरस संक्रमण संक्रमित रोगियों में श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या को कम कर सकता है और लिवर व किडनी को खराब कर सकता है। वायरस कैसे प्रसारित होता है? प्रारंभिक अध्ययन कहता है कि यह जानवरों से संचरित हुआ है। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि यह मनुष्यों के बीच कैसे संचरित होता है। अब तक यह वायरस छछूंदरों, बकरियों और कुत्तों में पाया गया है।

क्या हेनिपा वायरस घातक है?
करंट ओपिनियन इन वायरोलॉजी जर्नल में प्रकाशित जुलाई 2022 के एक अध्ययन में कहा गया है, इसकी मृत्यु दर 50 और 100% के बीच है यानी यह वायरस मनुष्यों को संक्रमित करने वाला घातक वायरस है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, इस वायरस की मृत्यु दर 40% से 75% होने का अनुमान है।