सरहद पर जवानों को राखी बांधने पहुंचीं लक्ष्मीकांत चावला, कहा- इन भाईयों की वजह से ही हम सुरक्षित

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अमृतसर: राखी के त्यौहार पर आज बहनें अपने भाईयों की कलाई पर प्यार व सुरक्षा का धागा बांध रही हैं, लेकिन बॉर्डर पर देश की सुरक्षा कर रहे जवान इस दिन भी ड्यूटी पर डटे हुए हैं। वहीं पिछले 54 वर्षों से जवानों को राखी बांध रही पूर्व मंत्री व श्री दुर्गियाना मंदिर कमेटी की नई अध्यक्ष लक्ष्मीकांत चावला बॉर्डर पर पहुंचीं, जहां उन्होंने जवानों को राखी बांधी।

इस दौरान मीडिया के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि आज रक्षाबंधन का राष्ट्रीय त्यौहार है, जो देश की सुरक्षा के साथ भी जुड़ा है। पुराने समय में जब राजपूत युद्ध के लिए जाते थे तो बहनें राखी का इंतजार नहीं करती थी, महिलाएं बॉर्डर के आस-पास, शहरों में खड़ी होकर आवाजें देती थीं कि जो देश के लिए बलिदान देना चाहता है वह आकर राखी बंधवा लो। उन हाथों पर राखी बांधना जो हाथ देश की सुरक्षा में लगे हैं, जिनके कारण हमारी राखी, राखी है। हमारे मंदिर, मंदिर हैं। इनके कारण हम शान से सोते हैं और आराम करते हैं।