हरियाणा शिक्षा विभाग शैडयूल मुताबिक ट्रांसफर ड्राइव चलाने में हो रहा विफल

Spread the News

चंडीगढ़: हरियाणा शिक्षा विभाग शैडयूल मुताबिक ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव चलाने में विफल हो रहा है। बीती 25 जुलाई को शुरू हुई ट्रांसफर ड्राइव अपना दूसरा चरण भी पूरा नहीं कर पाई है। जिसके चलते शिक्षकों में न केवल असमंजस की स्थिति बनी हुई है बल्कि शैक्षणिक गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। ऐसा महज इस कारण हो रहा है, क्योंकि विभाग द्वारा ड्राइव में आ रही रूकावट या देरी को लेकर समय रहते शिक्षकों को सूचित नहीं किया जाता। दरअसल, शिक्षा विभाग द्वारा 25 जुलाई को जारी शैडयूल के मुताबिक 31 जुलाई तक शिक्षकों को स्वैच्छिक भागीदारी लेनी थी। फिर एक अगस्त से चार अगस्त तक पदों की गणना, भाग लेने वाले योग्य अध्यापकों की सूची और पदों का सामानीकरण किया जाना था।

इसके बाद पांच अगस्त से 13 अगस्त तक योग्य अध्यापकों अपने मनपसंद के स्टेशन भरे जाने का अवसर दिया जाना था। फिर 14 अगस्त को अस्थाई आवंटन किए जाने थे। इसके बाद 15 अगस्त तक सभी शिक्षकों को स्टेशन अलॉट होने थे जबकि विभाग अभी तक ड्राइव को लेकर दूसरा चरण ही पूरा नहीं कर पाया है। कोर्ट की शरण में पहुंचे शिक्षक: हसला के राज्य महासचिव अमित मनहर ने बताया कि संगठन ने ड्राइव शुरू होने के कुछ दिन बाद ही विभागीय अधिकारियों को इस बात से अवगत करवा दिया था कि पॉलिसी के अनुसार शिक्षक का स्टे कट ऑफ 31 मार्च माना जाना चाहिए।

इसी बात को लेकर कई सारे शिक्षकों ने कोर्ट की शरण ले ली है। क्योंकि विभाग द्वारा 09 अगस्त को जारी पत्र के मुताबिक शिक्षक स्टे कट ऑफ 31 मार्च की बजाए 31 अगस्त मान लिया गया है। इसके अलावा जोन से संबंधित समस्या को लेकर भी कुछ शिक्षक कोर्ट में गए हैं। क्योंकि विभाग ने कुछ स्कूलों के जोन में बदलाव कर दिया था। जिससे शिक्षकों की उक्त जोन में किए गए बदलाव से सर्विस पर प्रभाव पड़ रहा था।