Varalakshmi Vrat: आज रखा जा रहा है वरलक्ष्मी व्रत, जानिए पूजा विधि और कथा के बारे में

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हिंदू धर्म में वरलक्ष्मी व्रत का बहुत महत्व माना जाता है। इस साल यह व्रत 12 अगस्त यानि की आज के दिन मनाया जा रहा है। हर साल यह व्रत सावन के अंतिम शुक्रवार को रखा जाता है। आज के दिन महालक्ष्मी के वरलक्ष्मी स्वरूप की पूजा की जाती है। माना जाता हे की इस दिन व्रत रखने से मां लक्ष्मी के वरलक्ष्मी स्वरूप की उपासना करने और व्रत रखने से अष्टलक्ष्मी की प्राप्ति होती है। आज के दिन आप व्रत रख कर मनचाहा वरदान प्राप्त कर सकते है।

माता वरलक्ष्मी की पूजा विधि
माना जाता है कि इस व्रत को रखने से मां वरलक्ष्मी हर मनोकामना पूरी करती हैं. मान्यता के अनुसार, विवाहित स्त्रियां अगर इस व्रत को रखें तो पर‍िवार में सुख-समृद्ध‍ि आती है, साथ ही धन वर्षा होती है. धर्म से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार मां वरलक्ष्मी क्षीर सागर से प्रकट हुईं थीं. आज के दिन विवाहित महिलाएं पूजा के समय एक चौकी पर माता वरलक्ष्मी की तस्वीर स्थापित करती हैं. उसके बाद अक्षत, कुमकुम, नारियल, पान का पत्ता, सुपारी,बताशा, धूप-दीप, इत्र, फल-फूल आदि से माता की पूजा करती हैं और व्रत की कथा पढ़ती या सुनती हैं.

वरलक्ष्मी व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार एक समय चारुमती नाम की महिला हुआ करती थी, जो मा लक्ष्मी की बहुत बड़ी भक्त थी. वह हर शुक्रवार को लक्ष्मी माता की विधिपूर्वक से पूजा करती थी. एक रात सपने में स्वयं माता लक्ष्मी ने उसे वरलक्ष्मी व्रत के बारे में बताया था. इस सपने के बाद से ही चारुमती ने इस व्रत को रखना शुरू किया.

चारुमती ने अपनी सखी-सहेलियों को भी पावन पा व्रत के बारे में बताया. जिसके बाद चारूमती की सभी सहेलियों ने विधि-विधान कलश स्थापना की और उसकी पूजा कर परिक्रमा लगाई. कहा जाता है कि इस व्रत के फलस्वरूप उन सभी महिलाओं को मनचाहा वरदान म‍िला. किसी महिला को धन, किसी को संतान की प्राप्ति हुई.