शहद का अधिक सेवन करने से सेहत को हो सकते हैं ये नुकसान

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फूड पॉइजनिंग का खतरा
ज्यादा मात्रा में शहद का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग होने की दिक्कत भी हो सकती है। जिसके चलते पेट दर्द, दस्त, उल्टी जैसी दिक्कत हो सकती है। इसके साथ ही इसके सेवन से बच्चों में बोटुलिज्म पॉइजनिंग होने का खतरा भी हो सकता है।

फैटी लिवर की समस्या
जिन लोगों को फैटी लिवर की समस्या ज्यादा परेशान कर रही हो, उन्हें शहद का सेवन नहीं करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक शहद में पाए जाने वाला फ्रुक्टोज शुगर का मेन सोर्स होता है और इसे खाने से लिवर की हालत खराब हो सकती है। कहा जाता है कि फ्रुक्टोज को लिवर मेटाबोलाइज्ड करता है और ऐसे में फैटी लिवर वालों को दिक्कतें हो सकती हैं।

दांतों की समस्या
शहद का अधिक मात्रा में सेवन करने से यह आपके दांतों से जुड़ी समस्या पैदा कर सकता है। यानी कि शहद का अधिक सेवन आपकी ओरल हेल्थ के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है। साथ ही शहद में चिपचिपाहट होती है जो दांतों में चिपक कर कैविटी की समस्या पैदा कर सकती है। इसलिए जब भी शहद का सेवन करें तो ठीक से कुल्ला अथवा ब्रश करना चाहिए। वरना दांत दर्द की समस्या हो सकती है।

बढ़ता हैं ब्लड शुगर लेवल
हालांकि चीनी की तुलना में शहद का चुनाव एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है, परंतु इसका मतलब यह नहीं कि आप जितना मर्जी चाहे शहद खा सकते हैं। क्योंकि इस प्राकृतिक स्वीटनर में कार्ब्स भी होते हैं, जिससे आपकी रक्त शर्करा बढ़ सकती है। खास तौर पर मधुमेह के मरीजों को शहद के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। लंबे समय तक और ज्यादा मात्रा में शहद खाने से डायबिटीज का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसलिए शहद के सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य ले लें।

पेट की समस्या
शहद का बहुत अधिक सेवन कब्ज जैसे पाचन संबंधी समस्या का कारण बन सकता है। दरअसल शहद में फ्रुक्टोज की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे कब्ज हो सकता है। आपका स्वास्थ्य भले ही दुरुस्त हो लेकिन शहद का अधिक सेवन इस समस्या का शिकार बना सकता है। इतना ही नहीं इससे सूजन या दस्त भी हो सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका शरीर एक बार में बहुत अधिक शुगर को नहीं पचा सकता है।

एलर्जी की समस्या
जिन लोगों को पोलन यानी पराग कणों से एलर्जी की समस्या है उन लोगों को शहद खाने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि शहद के सेवन से उनकी एलर्जी की समस्या और बढ़ सकती है। जिससे त्वचा पर लालिमा, खुजली, रैशेज आदि हो सकते हैं।