नए भारत की अगले 25 वर्षों की यात्रा में अमेरिका अहम साझेदार होगा: राजदूत तरनजीत सिंह संधू

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वाशिंगटनः भारत समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की इच्छा रखता है और अमेरिका अगले 25 वर्षों में उसकी यात्रा में अहम साझेदार होगा। अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर इंडिया हाउस में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका की साझेदारी दोनों देशों तथा दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक बन गई है।

इस कार्यक्रम में कुचिपुड़ी, ओडिशी, कत्थक और भरतनाट्यम समेत नृत्य प्रस्तुतियों के साथ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय मूल के छात्रों ने भाग लिया। सीनेट और प्रतिनिधि सभा के वरिष्ठ सदस्यों समेत अमेरिका के सभी नेताओं और उद्योग, कला, विज्ञन आदि क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने इस मौके पर अपनी शुभकामनाएं दीं। अमेरिका की राजधानी में हुए इस कार्यक्रम में चुनिंदा प्रभावशाली लोग शामिल हुए। इस समारोह में अमेरिका की व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताइ मुख्य अतिथि थीं।

संधू ने कहा, कि ‘प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जाे बाइडेन की अगुवाई में हम वैश्विक शांति, स्थिरता और मानव विकास के लिए लगातार, मिलकर काम कर रहे हैं। इस संबंध में भारतीय प्रवासी समुदाय एक अहम स्तंभ बना रहेगा। ‘चूंकि भारत सकारात्मक प्रगति कर रहा है तो हमें भविष्य की पीढिय़ों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए और काम करना पड़ेगा। जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपील की है..अगले 25 वर्षों का सफर एक नए भारत का निर्माण करेगा। इस ‘अमृत काल’ का लक्ष्य समृद्धि की नई ऊंचाइयों पर पहुंचना है।’’

संधू ने कहा, कि ‘भारत ने लोगों को विकास देने के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाया। इसके दो उदाहरण हैं : आज ग्रामीण भारत में 35 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं और शहरी भारत में 29 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं। इसके साथ ही दुनिया का 40 प्रतिशत डिजीटल लेनदेन भारत में होता है, जो किसी भी देश में सबसे अधिक है।’’ कार्यक्रम में पेन्सिनवेनिया के गवर्नर टॉम वोल्फ भी शामिल हुए। व्हाइट हाउस का प्रतिनिधित्व कोरोना वायरस प्रतिक्रिया समन्वयक डॉ. आशीष झा और राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति के निदेशक डॉ. राहुल गुप्ता ने किया।

भारत में जन्मे गुप्ता ने कहा कि आजादी के 75 वर्षों में शिक्षा में किया गया भारत का निवेश अब फायदे दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों का भविष्य उज्‍जवल है। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं, भारत में बड़ा हो रहा था तो मैं हमेशा यह सोचता था कि मेरे माता-पिता ने मेरी पढ़ाई पर इतना ध्यान क्यों दिया? जब मैं बड़ा हुआ तो हमने पाया कि ज्ञान ही वह ताकत है जो पर्वत को हिला सकता है और भारत ने अपनी शक्ति, दिमाग, अपने युवाओं को 1947 के बाद से इसमें लगाया। आज इसके नतीजे मिल रहे हैं।’’