पंजाब पुलिस ने 1980-1990 के दशक दौरान गिरफ्तारी से बचने वाले फरार लोगों को किया काबू

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चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में घोषित अपराधियों, भगोड़ों को गिरफ्तार करने के लिए शुरू किया गया विशेष अभियान 7वें सप्ताह में प्रवेश कर चूका है। इसमें पंजाब पुलिस को लगातार सफलता हासिल हो रही है। अब इस बीच खबर आ रही है कि पंजाब पुलिस ने 1980-1990 के दशक दौरान गिरफ्तारी से बचने वाले फरार लोगों को काबू किया है।

आईजीपी सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि पुलिस टीमों ने एनडीपीएस अधिनियम में उन पीओ/भगोड़ों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है, जो 1980 और 1990 के दशक से गिरफ्तारी से बच रहे थे। उन्होंने कहा कि कोटला होशियारपुर के गुरदीप सिंह उर्फ ​​काकू, को लुधियाना कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसे नवंबर 1985 में पीओ घोषित किया गया था। 1988 से पीओ अमरजीत सिंह को फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हरियाणा के डबलखेड़ी को संगरूर पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसे 1989 में पीओ घोषित किया गया था। इसी तरह, कम से कम तीन गिरफ्तार पीओ वे हैं, जो 1990 के दशक से गिरफ्तारी से बच रहे थे।

ड्रग्स पर साप्ताहिक अपडेट देते हुए, आईजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस ने पिछले दिनों राज्य भर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 22 वाणिज्यिक सहित 251 एफआईआर दर्ज करने के बाद 335 ड्रग तस्करों/आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने घेराबंदी और तलाशी अभियान के बाद 40.50 लाख रुपये की नशीली दवाओं के पैसे बरामद करने के अलावा 9.76 किलोग्राम हेरोइन, 8.68 किलोग्राम अफीम, 11.56 किलोग्राम गांजा, 9 क्विंटल चूरा पोस्त और 49k टैबलेट/कैप्सूल/इंजेक्शन/फार्मा ओपिओइड की शीशियां भी बरामद की हैं।

आईजीपी गिल ने कहा कि पंजाब पुलिस नशा तस्करों/आपूर्तिकर्ताओं पर नकेल कसने के अलावा युवाओं को नशों से दूर रखने और पहले से ही इस खतरे के शिकार हो चुके लोगों के पुनर्वास में मदद करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सभी सीपी/एसएसपी अपने-अपने जिलों में नशे के खिलाफ काम करने के लिए गैर सरकारी संगठनों और युवा मंडलों को शामिल करने के अलावा जनसभाएं, नशा प्रभावित गांवों का दौरा, सेमिनार आयोजित करने, विधायकों, सरपंचों और पार्षदों के साथ संयुक्त बैठकें करने सहित विभिन्न गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।

इस बीच, डीजीपी ने सभी सीपी/एसएसपी को सख्ती से आदेश दिए हैं कि वे सभी शीर्ष ड्रग तस्करों और अपने अधिकार क्षेत्र में नशीली दवाओं की तस्करी के लिए कुख्यात हॉटस्पॉट्स की पहचान करके ड्रग तस्करों के चारों ओर नकेल कसें और ड्रग्स बेचने/तस्करी करने वालों को पकड़ने के लिए एक तलाशी अभियान शुरू करें।