जेलों में Mobile मिलना CM Mann तथा उनके जेल मंत्री की नालायकी का नतीजा : Ashwani Sharma

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चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने पंजाब की जेलों में मोबाईल फोन मिलने के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके जेल मंत्री को कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि पंजाब में जेल मंत्री आपका और होम विभाग के तहत जेलों की सिक्योरिटी का जिम्मा आपके पास है, तो जेल में मोबाईल कैसे पहुंचें? यह मुख्यमंत्री मान तथा उनके जेल मंत्री की नालायकी का नतीजा है। उन्होंने मान सरकार के पांचों मंत्रियों द्वारा 5 महीने के रिपोर्ट कार्ड पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मान सरकार के मंत्री जनता के समक्ष झूठा रिपोर्ट कार्ड पेश करके फिर से जनता को मुर्ख बनाने के काम में जुट गए हैं।

शर्मा ने कहा कि मान सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि उनकी सरकार ने 5 महीने में 12,339 करोड़ रुपए का कर्ज़ वापिस किया है, लेकिन मुख्यमंत्री मान ने 10,739 करोड़ का कर्ज़ भी लिया है यह जनता के सामने क्यों नहीं बताया? उन्होंने कहा कि पंजाब पहले से करीब 3 लाख करोड़ के कर्ज़ तले दबा हुआ है। ऐसे में भगवंत मान द्वारा लिया जा रहा बेतहाशा कर्ज़ पंजाब को श्रीलंका बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। भगवंत मान कहते हैं कि हमारी आर्थिक हालत पहले से बहुत मज़बूत हुई है। अश्वनी शर्मा ने सवाल किया कि अगर मान सरकार की हालत सुधरी है तो फिर भगवंत मान ने कर्ज़ क्यों लिया और केंद्र सरकार से बार-बार आर्थिक मदद क्यों मांग रहे हैं?

अश्वनी शर्मा ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था की बदतर हालत को लेकर भगवंत मान सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री मान तथा केजरीवाल चुनाव में तथा चुनाव के बाद भी दिल्ली की मॉडल स्कूल व्यवस्था पंजाब में लागू करने की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे, लेकिन शायद इन दोनों को यह नहीं पता कि पंजाब में कितने सरकारी स्कूल हैं और उनमें कितने शिक्षक काम कर रहे हैं? कितने स्कूल एक शिक्षक के शेयर चल रहे हैं? सरकारी स्कूलों का बुनियादी ढाँचा कैसा है? उन्होंने मुख्यमंत्री मान द्वारा 15 अगस्त पर मोहल्ला क्लीनिक खोले जाने पर सवाल किया कि भगवंत मान ने सभी सरकारी कार्यालयों में किसी भी सरकारी अधिकारी की जगह पर शहीद भगत सिंह तथा बाबा साहिब की फोटो लगाने की बात कही थी, फिर मोहल्ला क्लीनिकों में अपनी दो-दो फ़ोटोज़ क्यों लगवाई हैं? क्या अब भगवंत मान को अपनी पब्लिसिटी कम होती नजर आने लगी है?

उन्होंने कहा कि मोहल्ला क्लीनिक खोलने की आखिर जरुरत ही क्या थी, जबकि पहले से पंजाब के हर इलाके में सरकारी अस्पताल तथा सरकारी डिस्पेंसरियां स्थापित की हुई हैं, जिनकी 5 महीनों में हालत बदतर हो चुकी है। इन अस्पतालों तथा डिस्पेंसरियों में मरीजों के लिए न दवाईयां हैं और न ही वहां रख-रखाव के साधन। मान सरकार ने इनके आधारभूत ढांचे को मज़बूत करने तथा इनमें दवाईयां व अन्य सामान उपलब्ध करवाने में फेल साबित हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नेशनल हेल्थ मिशन योजना के तहत भेजे गए फंड को भगवंत मान सरकार अपनी स्कीमों का नाम देकर भेजे गए फंड्स का दुरूपयोग कर जनता से झूठ बोल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मान द्वारा नए अस्पतालों का नींव पत्थर रखने पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नए अस्पताल बनाना केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है, न कि पंजाब सरकार का।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि मान सरकार ने पहले से चल रहे सेवा केन्द्रों को बंद कर वहां पर मोहल्ला क्लीनिक खोल दिए। सेवा केन्द्रों के रंग-रोगन पर मान सरकार ने प्रति क्लीनिक लाखों रुपए के हिसाब से 20 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। जी.एस.टी. कुलैक्शन बढ़ने के मामले में शर्मा ने मान सरकार से सवाल किया कि जब केंद्र सरकार ने जी.एस.टी. संग्रह बढ़ने की बात कही थी तो राघव चड्डा ने संसद में कहा था कि यह इम्फुलेशन के कारण बढ़ा है, तो मुख्यमंत्री और राघव चड्डा बताएं कि क्या पंजाब इस सब से अलग है? यह लोग केंद्र सरकार के आंकड़ों से हेर-फेर करके पंजाब की जनता को मुर्ख बना कर अपनी राजनीति कर रहे हैं।