जम्मू कश्मीर में अस्थाई वोटर्स को लेकर भड़के उमर और महबूबा मुफ्ती, कहा-यह कदम विनाशकारी होगा

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जम्मू-कश्मीर: घाटी के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) हिरदेश कुमार ने आज घोषणा की है कि अब स्थाई निवासी ना होने पर भी लोग चुनाव में हिस्सा ले सकेंगे। इस मामले को लेकर राजनीतिक नेता तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने चुनाव अधिकारियों के इस फैसले को खतरनाक बताते हुए कहा कि यह कदम विनाशकारी साबित होगा।

सज्जाद गनी लोन ने ट्वीट करते हुए कहा, “यह खतरनाक है। मुझे नहीं पता कि वे क्या हासिल करना चाहते हैं। यह एक शरारत से कहीं ज्यादा है। लोकतंत्र विशेष रूप से कश्मीर के संदर्भ में एक अवशेष है। कृपया 1987 को याद करें। हम अभी तक इससे बाहर नहीं आए हैं। 1987 को दोबारा न चलाएं। यह उतना ही विनाशकारी होगा।”

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, “क्या भाजपा जम्मू-कश्मीर के वास्तविक मतदाताओं के समर्थन को लेकर इतनी असुरक्षित है कि उसे सीटें जीतने के लिए अस्थायी मतदाताओं को आयात करने की जरूरत है? जब जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का मौका दिया जाएगा तो इनमें से कोई भी चीज भाजपा की मदद नहीं करेगी।”

वहीं, महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर कहा, “जम्मू-कश्मीर में चुनावों को स्थगित करने का भारत सरकार का निर्णय, पहले भाजपा के पक्ष में संतुलन को झुकाने और अब गैर स्थानीय लोगों को वोट देने की अनुमति देने से चुनाव परिणामों को प्रभावित करना स्पष्ट है। असली उद्देश्य स्थानीय लोगों को शक्तिहीन करने के लिए जम्मू-कश्मीर पर सख्ती से शासन करना जारी रखना है।”