हिमाचल में बरसात का कहर जारी, रविवार को हुई 8 मौतें, 100 से अधिक सड़कें बंद

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शिमला : सूबे में मूसलाधार बारिश का कहर अभी भी जारी है। रविवार को शिमला के अलावा अधिकांश स्थानों पर लोगों को मॉनसून की वर्षा से राहत मिली रही। इससे जंहा राहत व बचाव कार्यों में तेजी आई है वंही जिंदगी फिर से पटरी पर लौटने लगी है। हालांकि बरसात का तांडव बरकरार है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार आज राज्य में 8 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है जबकि 7 लोग घायल हो गए। इनमे से 4 मौतों की पुष्टि मंडी ज़िले में हुई है जबकि शिमला, बिलासपुर, चम्बा और कांगडा जिलों में एक-एक मौत की पुष्टि हुई है। इसी के साथ राज्य में मॉनसून से जुड़ी घटनाओं में अब तक मारने वालों की संख्या बढ़ कर 244 हो गई है। रविवार को नारकंडा के समीप बज्गी रोड पर सड़क हादसे में एक मौत हुई।

जानकारी के मुताबिक प्रदेश में अभी 100 से अधिक सडकें अभी भी यातायात के लिए बंद हैं। इसके अलावा बिजली के 365 ट्रंसफार्मर और पेयजल की 65 योजनाएं बजी ठप्प हैं। साथ पशुओं की भी आज बरसात के कारण मौत हो गई। भारी बरसात के कारण प्रदेश के तमाम जलाशय अपनी पूरी क्षमता से भर गए हैं और अब इनसे लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बरसात के चलते राज्य के तमाम छोटे-बडे नदी नाले उफान पर हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य में जारी भारी वर्षा को देखते हुए लोगों खासकर पर्यटकों को यात्रा से परहेज करने की एडवाइजरी जारी की है और बहुत जरूरी होने पर यात्रा के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतने को कहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में मॉनसून की वर्षा का क्रम 27 अगस्त तक लगातार जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग ने 24 और 25 अगस्त को राज्य में फिर से भरी वर्षा का येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी शिमला में आज दिन के समय भारी वर्षा हुई जिसके चलते कुछ देर के। लिए शहर की रμतार थम गई। शिमला में आज कुछ ही देर में 53 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

जल प्रलय के बीच भी प्रदेश की राजधानी प्यासी प्रदेश में भले ही जल प्रलय की स्थिति है और आसमान से पानी के रूप में आफत बरस रही है लेकिन इस जल प्रलय के बीच भी प्रदेश की राजधानी प्यासी है। अहिमल को पेयजल आपूर्ति करने वाली सभी पेयजल योजनाएं पेयजल स्रोतों पर अत्यधिक गाद के कारण ठप्प हो गई है। गिरी पेयजल योजना का राइजिंग मेन पानी के तेज बहाव में बह गया जिसे अस्थाई तौर पर फिर से तैयार किया गया है। हालांकि गाद और बिजली आपूर्ति फेल हो जाने से पानी की पिम्पंग नहीं हो पा रही है। इसके चलते शहरवासी बून्द-बून्द पानी को तराश गए हैं।