Huoyan laboratory ने Tibet में महामारी की रोकथाम और नियंत्रण की सहायता दी

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23 अगस्त को 12 बजे तक पूरे चीन के हुओयान प्रयोगशाला (फायरआई लैब) के लगभग 400 कार्यकर्ताओं ने लगभग 260 कोर स्वचालन उपकरण लेते हुए चीन के तिब्बत स्वायत्त प्रदेश जाकर सहायता की। हुओयान प्रयोगशाला बड़े पैमाने पर न्यूक्लिक एसिड का पता लगाने वाली अस्थायी प्रयोगशाला है, जिसने चीनी जीवन विज्ञान प्रौद्योगिकी कंपनी बीजीआई की न्यूक्लिक एसिड का पता लगाने की तकनीक, चीन द्वारा स्वतंत्र रूप से विकसित मुख्य उत्पाद व उपकरण और वर्षों से संचित प्रयोगशाला संचालन अनुभव आदि को एकीकृत किया गया है।

इसका उपयोग कोविड-19 आदि वायरस के न्यूक्लिक एसिड का पता लगाने के लिए एक प्रयोगशाला के कुल मिलाकर समाधान के रूप में किया जा सकता है। ल्हासा के हुओयान प्रयोगशाला के उप प्रभारी जांग होंगयुन ने कहा कि 15 अगस्त को ल्हासा का हुओयान प्रयोगशाला का संचालन शुरू हुआ। इस प्रयोगशाला का निर्माण पीवीडीएफ झिल्ली सामग्री से किया गया है, जिसमें घर्षण प्रतिरोधी, बैक्टीरियल प्रतिरोधी और ज्वाला मंदक की विशेषताएं हैं। इस प्रयोगशाला का निर्माण जैव सुरक्षा द्वितीयक प्रयोगशाला के मानकों के अनुसार किया गया है और इसे नमूनाकरण, निष्कर्षण और प्रवर्धन सहित तीन प्रायोगिक केबिनों में विभाजित किया गया है।

वर्तमान में इस प्रयोगशाला में कर्मचारियों की कुल संख्या 200 से अधिक पहुंची है और 24 घंटों के भीतर पूर्ण किए गए परीक्षण नमूना ट्यूबों की कुल संख्या 1 लाख पहुंच सकती है। 23 अगस्त तक ल्हासा के हुओयान प्रयोगशाला में हर दिन पता लगाया जा सकने वाले नमूनों की कुल संख्या 1 लाख ट्यूबों तक पहुंची है, जबकि शिकाजे के हुओयान प्रयोगशाला में इस संख्या 60 हजार ट्यूबों तक पहुंची है। साथ ही न्यिंग्ची में एक एकीकृत स्वचालित न्यूक्लिक एसिड परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित हुआ है, जिसमें हर दिन पता लगाया जा सकने वाले नमूनों की कुल संख्या 10 हजार ट्यूबों तक जा पहुंची है। (साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)