शी चिनफिंग ने “लिस्बन मारू” जहाज के बचे लोगों के परिजनों को जवाबी पत्र भेजा

Spread the News

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हाल ही में “लिस्बन मारू” जहाज़ के बचे लोगों के परिजनों को जवाबी पत्र भेजा और चीन-ब्रिटेन मैत्री के प्रति अपनी सक्रिय प्रतिबद्धता को जारी रखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। शी चिनफिंग को आशा है कि ज्यादा ब्रिटिश मित्र चीन-ब्रिटेन संबंधों में योगदान देंगे। अपने जवाबी पत्र में शी चिनफिंग ने कहा कि साल 1942 में पूर्वी चीन के चच्यांग प्रांत के चओशान शहर में मछुआरों ने “लिस्बन मारू” जहाज़ पर ब्रिटिश युद्ध कैदियों को वीरतापूर्वक तरीके से बचाया। यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चीन और ब्रिटेन के बीच कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ने और एक साथ फासीवादी आक्रमण के खिलाफ़ लड़ने का साक्षी है, और साथ ही साथ यह चीनी और ब्रिटिश लोगों के बीच गहरी दोस्ती की एक ऐतिहासिक कहानी भी है। मैं इस इतिहास से परिचित हूं और साल 2015 में ब्रिटेन की यात्रा के दौरान मैंने खास तौर पर यह कहानी सुनाई थी। 

शी चिनफिंग ने बल देते हुए कहा कि इस वर्ष, चीन और ब्रिटेन के बीच राजदूत स्तर पर राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है। पिछली आधी सदी में, दोनों देशों के अनगिनत मैत्रीपूर्ण लोगों की कड़ी मेहनत का धन्यवाद है कि चीन-ब्रिटेन संबंध आगे बढ़ना जारी रख सकते हैं। उम्मीद है कि “लिस्बन मारू” जहाज़ के बचे लोगों के परिवारजन चीन-ब्रिटेन मित्रता के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे, और अधिक ब्रिटिश मित्र चीन-ब्रिटेन संबंधों के विकास में सकारात्मक योगदान देंगे। बता दें कि अक्तूबर 1942 में, जापानी सेना “लिस्बन मारू” नामक यात्री और मालवाहक जहाज का उपयोग कर युद्ध के 1,800 से अधिक ब्रिटिश कैदियों को हांगकांग से जापान की ओर ले जा रही थी, रास्ते में चओशान के आसपास समुद्री क्षेत्र में इस जहाज़ पर अमेरिकी सेना द्वारा हमला किया गया, 843 ब्रिटिश कैदियों की मौत हुई, 384 ब्रिटिश कैदियों को स्थानीय मछुआरों द्वारा बचाया गया। ब्रिटिश सेना और सरकार इसके प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

2015 में ब्रिटेन की यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने “लिस्बन मारू” बचाव घटना को एक उदाहरण के रूप में लेते हुए इस बात पर जोर दिया कि युद्ध के दौरान चीनी और ब्रिटिश लोगों के बीच बनी दोस्ती कभी फीकी नहीं पड़ेगी, और यह दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए एक मूल्यवान संपत्ति बन जाएगी। हाल ही में, “लिस्बन मारू” जहाज़ के अंतिम उत्तरजीवी मॉर्ली की बेटी ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग को पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने चीन के बचाव की दयालुता के लिए आभार व्यक्त किया और दोनों देशों के लोगों के बीच पीढ़ी-दर-पीढ़ी की मैत्री को दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाने को कहा। 

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)