अनुसूचित जातियों के आर्थिक और सामाजिक विकास को प्रभावी कदम उठा रही सरकार: CM Jai Ram

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शिमला : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा आजादी के 75 वर्षों में अनुसूचित जातियों की समस्याओं के समाधान में अनुसूचित जाति आयोग की भूमिका विषय पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी के समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए सभी से बेहतर समाज के निर्माण में मिलजुल कर आगे बढ़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया। जयराम ठाकुर ने कहा कि अनुसूचित जातियों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को तीव्रगति प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष के लिए अनुसूचित जाति उप योजना के अन्तर्गत 2400.12 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में अनुवर्ती कार्यक्रम के अन्तर्गत 8244 लाभार्थियों के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार द्वारा 148 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। वर्ष 2018 के उपरान्त अब तक 20399 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग अल्पसं यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2017-18 में आवंटित 537.06 करोड़ रुपये की बजट राशि की तुलना में गत चार वर्षों में 113 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इस वित्त वर्ष में 1145.21 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के अन्तर्गत सरकार द्वारा मकान निर्माण के लिए 75.00 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है जिससे 5000 मकानों के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 2018-19 में प्रधानमन्त्री आदर्श ग्राम योजना का विस्तार करते हुए इस योजना के द्वितीय चरण में प्रदेश में अनुसूचित जाति बहुल 348 गांवों को इसमें चयनित किया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा इस चरण में अब तक 59.83 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। द्वितीय चरण के तहत अभी तक 167 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमन्त्री आदर्श ग्राम योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना लागू की है जिसके अंतर्गत अब तक 96.26 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिससे लगभाग 700 गावों को लाभान्वित किया गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय के शैक्षणिक उत्थान के लिए केन्द्र प्रायोजित योजनाओं के अन्तर्गत शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पूर्व मैट्रिक छात्रवृति तथा कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अन्तरजातीय विवाह को प्रोत्साहन देने के दृष्टिगत वित्त वर्ष 2022-23 में इस योजना के अन्तर्गत 310 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर डॉ करम चन्द द्वारा लिखित पुस्तक सफरनामा का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद वीरेन्द्र कश्यप ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और संगोष्ठी के चार सत्रों में विभिान्न विषयों पर की गई चर्चा का विस्तृत ब्यौरा दिया। आयोग के सदस्य जगजीत बग्गा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। संगोष्ठी के समापन सत्र के अवसर पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य अजय चौहान, हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ नैन सिंह, हिमकोफेड के अध्यक्ष कौल नेगी तथा हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक की अध्यक्ष शशिबाला और अनुसूचित जाति संगठनों एवं विभिान्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।