नए युग में चीनी महिलाओं के अधिकार व हित अधिक सुरक्षित हैं

Spread the News

महिलाओं के विरूद्ध सभी स्‍वरूपों के भेदभाव के निवारण संबंधी अभिसमय (सीईडीएडब्‍ल्‍यू) महिलाओं के विरूद्ध हर तरह के भेदभाव का निवारण और लैंगिक समानता साकार करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा तैयार किया गया एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार साधन है, जो सितंबर 1981 में लागू हुआ था। इस समझौते का उद्देश्य राजनीति, कानून, कार्य, शिक्षा, चिकित्सा सेवाओं, व्यावसायिक गतिविधियों और पारिवारिक संबंधों में महिलाओं के अधिकारों की गारंटी देना है।

3 सितंबर, 1981 को चीन सीईडीएडब्ल्यू के सदस्य देशों में से एक बना। महिलाओं के अधिकार व हित बुनियादी मानवाधिकार हैं। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और महिलाओं के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए नई और उच्चतर आवश्यकताओं को सामने रखा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि विकास को महिलाओं से अलग नहीं किया जा सकता है और विकास को महिलाओं सहित सभी लोगों को लाभान्वित किया जाना चाहिए।

महिलाओं के वैध अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए चीन ने महिलाओं के अधिकारों व हितों के संरक्षण पर एक कानून तैयार किया है, जिसे वर्ष 1992 में पहली बार जारी किया गया और वर्ष 2005 में संशोधित किया गया है। 20 दिसंबर, 2021 को इसी कानून का संशोधित मसौदा 13वीं चीन की राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थाई समिति के सामने विचार-विमर्श के लिए प्रस्तुत किया गया।

यह मसौदा पिछले अनुभव को सारांशित करते हुए शिक्षा, रोजगार, संपत्ति के अधिकार जैसे क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं के बीच समानता मज़बूत करता है और महिला कर्मचारियों के गर्भावस्था और मातृत्व अवकाश के दौरान के अधिकारों की रक्षा करता है, ताकि चीनी महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सभी मानवाधिकारों को प्राप्त करने की दिशा में बढ़ावा दिया जा सके। 

चीन में महिलाओं के कार्य हमेशा देश के विकास से जुड़ा है और महिलाएं देश के निर्माण, सुधार और विकास में योगदान देती हैं। लैंगिक समानता चीन की मूल राष्ट्रीय नीति है। चीन ने अधिकाधिक कानूनों और विनियमों की स्थापना की है, जिनमें महिलाओं के अधिकारों और हितों की सुरक्षा शामिल हैं। इसके अलावा, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चीन को महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में उच्च प्रदर्शन वाले 10 देशों में सूचीबद्ध किया गया है और महिलाओं के कार्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)