इतिहास में आज का दिन – तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की स्थापना

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वर्ष 1965 में 1 से 9 सितंबर तक तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की पहली जन प्रतिनिधि सभा ल्हासा में आयोजित हुई। सभा में स्वायत्त प्रदेश की जन समिति के अध्यक्ष के रूप में नगापोई न्गवांग जिग्मे (तिब्बती) को चुना गया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति और राज्य परिषद ने स्थापना सभा में भाग लेने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजा और चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थाई समिति और राज्य परिषद ने तिब्बत के सभी जातीय समूहों के लोगों को हार्दिक बधाई दी। तब से तिब्बत स्वायत्त प्रदेश औपचारिक रूप से स्थापित हुआ, जिसने तिब्बत के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। पूर्व के भूदास और दास नए समाज के स्वामी बन गए।

तिब्बत स्वायत्त प्रदेश चीन में भीतरी मंगोलिया, शिनच्यांग, क्वांगशी और निंगश्या के बाद सबसे नया स्वायत्त प्रदेश है। 23 मई 1951 की शांतिपूर्ण मुक्ति से 9 सितंबर 1965 में स्वायत्त प्रदेश की स्थापना तक 14 साल लगे। स्वायत्त प्रदेश की स्थापना तिब्बत में जनता का लोकतांत्रिक शासन स्थापित होने का द्योतक है। क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता की व्यवस्था के तहत तिब्बत का आर्थिक और सामाजिक विकास नए स्तर पर बढ़ रहा है। तीव्र आर्थिक विकास और व्यापक सामाजिक प्रगति से तिब्बत के सभी जातीय समूहों के लोगों को ठोस लाभ मिल रहा है। लोगों के जीवन अधिकार और विकास अधिकार की प्रभावी रूप से गारंटी दी जाती है और समाज सामंजस्यपूर्ण और शांतिपूर्ण  है।

1965 में तिब्बत की जीडीपी केवल 32.7 करोड़ युआन थी। 2020 में, क्षेत्रीय जीडीपी 1.9 खरब युआन से अधिक हो गई। आर्थिक ताकत में काफी सुधार हुआ है और आर्थिक संरचना भी लगातार सुधर रही है। पूरे क्षेत्र में उपभोक्ता वस्तुओं की कुल खुदरा बिक्री 1965 के 8.9 करोड़ युआन से बढ़कर 2020 के 74.5 अरब युआन तक जा पहुंची। शांतिपूर्ण मुक्ति से पहले तिब्बत में 90 प्रतिशत से अधिक लोगों के पास अपना घर नहीं था और वे कपड़ों और भोजन की कमी वाला जीवन बिताते थे। वर्तमान में, तिब्बत में सभी जातीय समूहों के लोगों ने खुशहाल जीवन में प्रवेश किया है। 2020 में तिब्बत में शहरी और ग्रामीण निवासियों की प्रति व्यक्ति प्रयोज्य आय 2010 से दोगुनी हो गयी। इसके साथ ही लगातार 18 वर्षों तक दोहरे अंकों की वृद्धि को बनाए रखा गया है। पिछले पांच वर्षों में विकास दर लगभग 13 प्रतिशत पर बनी हुई है, जो देश में पहले स्थान पर है। तिब्बत स्वायत्त प्रदेश की स्थापना के 57 वर्षों में एक-एक बड़ा परिवर्तन चीनी विशेषता वाली समाजवादी व्यवस्था की श्रेष्ठता और क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता की व्यवस्था की श्रेष्ठता को दर्शाता है।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

 

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