डिजिटल दुनिया के “कुशल शिल्पकार”

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प्रोग्रामर दिवस रूस का एक आधिकारिक दिवस है, हर साल के 256वें दिन मनाया जाता है, यानी प्रत्येक वर्ष यह 12 सितंबर या 13 सितंबर को होता है। इस त्योहार की शुरुआत वर्ष 2002 में एक रूसी प्रोग्रामर के हस्ताक्षर एकत्र करने के साथ हुई और रूस सरकार से इस दिन को प्रोग्रामर दिवस के रूप में नामित करने का आग्रह किया। साल 2009 में प्रोग्रामर दिवस मनाने की शुरूआत आधिकारिक तौर पर रूस से हुई थी, बाद में चीन, भारत, इज़राइल, ब्राजील, मैक्सिको, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम, ब्रिटेन और अमेरिका आदि देश इस दिवस को मनाने लगे हैं। 

आज जानकारी और सूचना का युग है, इंटरनेट उद्योग तेजी से बदल रहा है, डिजिटल अर्थव्यवस्था ने एक बड़ी छलांग लगाना शुरू कर दिया है, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मेटावर्स जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियां अधिक से अधिक विकसित हो रही हैं, इससे प्रोग्रामर के पेशे की बहुत अधिक मांग है। हाल के वर्षों मेंडिजिटल परिवर्तन” चीन में अधिक से लोकप्रिय हो रहा है, विशेष रूप से “14वीं पंचवर्षीय” डिजिटल अर्थव्यवस्था विकास योजना” की घोषणा के बाद, चीन ने “डिजिटल परिवर्तन” शुरू कर दिया है। चीन के आर्थिक विकास में डिजिटलीकरण एक प्रमुख प्रवृत्ति बन गया है और चीनी उद्यमों के विकास का एकमात्र तरीका है।

डिजिटल परिवर्तन की प्रक्रिया में, प्रतिभा उद्यम परिवर्तन की सफलता की कुंजी बन गया है और प्रोग्रामर की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। बिग डेटा, क्लाउड कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉकचेन आदि के अनुसंधान व विकास, डिजाइन व संचालन में प्रोग्रामरों का योगदान और भी महत्वपूर्ण है। शानदार ग्रेट वॉल, गंभीरतापूर्ण पार्थेनन मंदिर, अद्भुत मिस्र के पिरामिड, पेइचिंग के पुराने शाही प्रासाद आदि को आम श्रमिकों ने अपने हाथों और कड़ी मेहनत से चमत्कारिक रूप दिया है। हालांकि हर श्रमिक का नाम याद नहीं रखा जा सकता है, लेकिन उनके द्वारा किए गए कार्य आज तक जारी हैं। प्रोग्रामर डिजिटल दुनिया के “कुशल कारीगर” हैं, और वे डिजिटल दुनिया के निर्माण में सबसे बड़े योगदानकर्ता हैं। लगातार सुविधाजनक डिजिटल जीवन के पीछे इन प्रोग्रामरों का बहुत बड़ा हाथ है, जिसे नहीं भुलाया जा सकता है। 

 (साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)