चीन का समाजवाद मार्ग है इतिहास का एक अपरिहार्य विकल्प 

Spread the News

चीनी आधुनिक इतिहास के बहैर, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी तथा चीन की समाजवादी व्यवस्था के विषयों की चर्चा करना अर्थहीन है।1840 में अफीम युद्ध से शुरू होकर, चीन को पश्चिमी साम्राज्यवाद के द्वारा आक्रमण, उत्पीड़न और शोषण की एक सदी का सामना करना पड़ा। चीनी राष्ट्र को बचाने के लिए, बहुत से देशभक्त व्यक्तियों ने अथक कोशिश की थी। लेकिन वे सब असफल रहे थे। जुलाई 1921 में, माओ त्सेतुंग सहित कुछ क्रांतिकारी अग्रणी लोगों ने शांघाई में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की घोषणा की। उन्हों ने मार्क्सवादी सिद्धांत के मार्गदर्शन में, चीनी जनता की मुक्ति और विभिन्न सामाजिक समस्याओं के समाधान करने का प्रयास शुरू किया।

अपनी स्थापना से ही चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने जनता की मुक्ति तथा राष्ट्र के कायाकल्प के लिए संघर्ष करने का मिशन कायम किया था। तब से, 28 वर्षों के कठिन संघर्षों के बाद, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने लोगों का नेतृत्व कर साम्राज्यवाद-विरोधी और सामंत-विरोधी नई-लोकतांत्रिक क्रांति जीत ली, चीन लोक गणराज्य की स्थापना कीऔर साम्राज्यवाद द्वारा चीन पर थोपी गई सभी असमान संधियों को रद्द किया। चीनी लोग अपने देश के स्वामी बन गए। 1950 के दशक में, चीन ने समाजवादी सुधार और बड़े पैमाने पर निर्माण के माध्यम से महान उपलब्धियां हासिल कीं। चीन, जो गरीब और पिछड़ा हुआ था, जल्द ही अपने स्वयं के विमानों, ऑटोमोबाइल, ट्रैक्टरों का उत्पादन कर सका, और अपना परमाणु बम, हाइड्रोजन बम और कृत्रिम उपग्रह बनाने वाली तकनीकें विकसित करने में सक्षम था।

1978 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की ग्यारहवीं केंद्रीय समिति के तीसरे पूर्णाधिवेशन ने सुधार और खुलेपन की नीतियां बनायीं। तब से 2012 तक, चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी, और 2010 तक चीन की जीडीपी इटली, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और जापान से आगे निकल गई, और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे बड़ी निर्यातक बन गई।अब चीन दुनिया में सबसे बड़ा औद्योगिक देश, माल का सबसे बड़ा व्यापारी और विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा धारक बन गया है, जो विश्व आर्थिक विकास में लगभग 30% का योगदान देता है। चीन ने मानवयुक्त अंतरिक्ष यान, चंद्र अन्वेषण, क्वांटम संचार, सुपरकंप्यूटिंग, पनडुब्बी डीप डाइविंग, बड़े विमान और विमान वाहक के निर्माण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। 2022 में, चीन “उच्च आय वाली अर्थव्यवस्थाओं” की पंक्ति में भी शामिल होगा। और लोगों के जीवन स्तर और सामाजिक विकास भी नई ऊंचाई तक पहुंच जाएगा। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं राष्ट्रीय कांग्रेस में बनायी गयी रूपरेखा के अनुसार चीन 2035 तक समाजवादी आधुनिकीकरण साकार करेगा, इस सदी के मध्य तक एक महान आधुनिक समाजवादी देश बन जाएगा, और चीनी राष्ट्र के महान कायाकल्प के लक्ष्य को पूरा करेगा।

1840 के बाद के इतिहास को देखें, तो चीन एक अर्ध-औपनिवेशिक और अर्ध-सामंती समाज से समृद्ध और शक्तिशाली समाजवादी देश में विकसित हो गया है। केवल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ही सभी लोगों को एकजुट कर सकती है, और साम्राज्यवाद, सामंतवाद और नौकरशाही पूंजीपति वर्ग के उत्पीड़न को उखाड़ फेंककर राष्ट्रीय मुक्ति कायम कर सकती है। उधर कई विकासशील देशों के विद्वानों का मानना है कि चीन विकासशील देशों के लिए एक विकास मॉडल प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, भारत के कुछ विद्वानों के अनुसार एक स्वतंत्र होने से पहले, चीन और भारत का विकास स्तर बराबर था। लेकिन आज चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, और इसका विनिर्माण उद्योग अमेरिका, जापान और जर्मनी के संयुक्त उद्योग से भी अधिक है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में, चीन समाजवाद का रास्ता अपनाता है, जो न केवल चीनी जनता की इच्छा का प्रकटीकरण है, बल्कि इतिहास का एक अपरिहार्य विकल्प भी है। इस सदी के मध्य तक, चीन सभ्यता, समृद्धि, सद्भाव और सुंदरता के साथ एक महान आधुनिक समाजवादी देश बन जाएगा, चीनी राष्ट्र के महान कायाकल्प का एहसास होगा, और चीन विश्व सभ्यता के लिए अभूतपूर्व महान योगदान देगा।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)