33 साल की उम्र में धोनी के चहेते गेंदबाज Ishwar Pandey ने लिया संन्यास, देश के लिए नहीं खेलने का जताया दुख

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मुंबई: मध्यप्रदेश के तेज गेंदबाज ईश्वर पांडे ने अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास ले लिया है, हालांकि वह रोड सेफ्टी सीरीज और लीजैंड लीग क्रिकेट में खेलते रहेंगे। ईश्वर भारत के लिए कोई मैच नहीं खेल पाए, लेकिन टीम इंडिया के न्यूजीलैंड दौरे पर उनका चयन जरूर हुआ था।

ईश्वर वनडे और टैस्ट टीम का हिस्सा थे, लेकिन कप्तान धोनी ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया था और ईश्वर भारत के लिए डेब्यू करने से चूक गए थे। आई.पी.एल. और घरेलू क्रिकेट में कमाल करने वाले ईश्वर अपनी कद काठी और अच्छी गति के साथ गेंदबाजी के लिए जाने जाते थे। आई.पी. एल. में चेन्नई के लिए खेलते उन्होंने काफी प्रभावित किया था। रणजी क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन शानदार था। उन्होंने सिर्फ 33 साल की उम्र में ही संन्यास लेने का फैसला किया है।

युवाओं को मौका देने के लिए लिया संन्यास

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ईश्वर ने अपने संन्यास को लेकर कहा कि अब वह आई.पी.एल. नहीं खेल रहे हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश के लिए खेलकर वह एक जगह ले रहे हैं। अगर उनकी जगह कोई दूसरा खिलाड़ी आता है तो वह बेहतर प्रदर्शन कर देश के लिए खेल सकता है। इसी वजह से उन्होंने सिर्फ 33 साल की उम्र में संन्यास ले लिया है।

देश के लिए नहीं खेलने का दुख भी जताया

सोशल मीडिया पर अपने संन्यास का ऐलान करने वाले ईश्वर पांडे ने लिखा कि वह अपने जिले के पहले क्रिकेटर हैं, जिनका चयन देश की टीम में हुआ था। इस पर उन्हें हमेशा गर्व रहेगा, लेकिन देश के लिए कोई मैच नहीं खेल पाने का मलाल भी उन्हें है, अगर ईश्वर को कप्तान धोनी एक मैच खेलने का मौका देते तो हालात कुछ और हो सकते थे। उन्होंने कहा कि उस समय वह युवा थे और उनकी फिटनैस काफी बेहतर थी, भारत के लिए खेलने का मौका मिलता तो उनका कैरियर बेहतर हो सकता था।

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