चीन-कज़ाख़िस्तान संबंध के और बड़े विकास को आगे बढ़ाएगा चीन

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कज़ाख़िस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायव के निमंत्रण पर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग कज़ाख़िस्तान की राजकीय यात्रा करेंगे। इसकी पूर्व बेला में 13 सितंबर को शी चिनफिंग ने कज़ाख़िस्तान के प्रमुख अख़बार एकिन गजेटी में एक नामांकित लेख जारी किया। इस लेख में शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और कज़ाख़िस्तान अच्छे पड़ोसी और अच्छे मित्र हैं। दोनों देशों की जनता के बीच हजारों वर्षों के मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान का इतिहास है। दोनों देशों ने एक साथ प्राचीन रेशम मार्ग के विकास में योगदान दिया है। चीन के थांग राजवंश के महाभिक्षु ह्वेन त्सांग और मिंग राजवंश के राजनयिक छन छंग कज़ाख़िस्तान की यात्रा की थी। कज़ाख़िस्तान “पूर्वी अरस्तू” अली फ़राबीक जैसे कज़ाख़िस्तान के मशहूर व्यक्ति भी चीन में लोकप्रिय हैं। उनकी कहानियों को दोनों देशों के लोगों द्वारा व्यापक रूप से साझा किया जाता है। इस साल चीन-कज़ाख़िस्तान राजनयिक संबंधों की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ है।

बीते 30 वर्षों में चीन-कज़ाख़िस्तान संबंधों का बड़ा विकास हुआ, द्विपक्षीय सहयोग में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। इधर के वर्षों में चीन सदैव कज़ाख़िस्तान का सबसे बड़ा व्यापार साझेदारी और निवेश साझेदारी रहा है। गत वर्ष महामारी के झटके के बावजूद भी द्विपक्षीय व्यापार रकम राशि 25 अरब यूएस डॉलर तक जा पहुंचा, जिसने विश्व आर्थिक पुनरुत्थान में प्रेरणा शक्ति डाली है। शी चिनफिंग ने कहा कि चीन कज़ाख़िस्तान के साथ चिरस्थायी तमाम सामरिक साझेदारी संबंधों का विकास करना चाहता है। उन्होंने चार सुझाव पेश किये: पहला, दोनों देश अच्छे पड़ोसी वाले संबंधों का विकास करें। उच्चस्तरीय राजनीतिक आपसी विश्वास द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने की आधारशिला है। चीन कज़ाख़िस्तान के साथ उच्च स्तरीय आवाजाही को मजबूत करेगा और इसके लिए प्रासंगिक कदम भी उठाएगा। दूसरा, दोनों पक्ष आपसी लाभ वाले सहयोग को निरंतर गहरा करें और बेल्ट एंड रोड का सहनिर्माण करें। तीसरा, दोनों देश समान सुरक्षा की दृढ़ रक्षा करें।

जटिल अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय परिस्थिति के सामने दोनों को केवल एकजुट होकर सहयोग करने से ही कठिनाइयों को दूर करना चाहिए। चीन कज़ाख़िस्तान के साथ मिलकर तीन आतंकवादी शक्तियों पर प्रहार करेंगे और चीन और मध्य एशियाई पाँच देशों के डेटा सुरक्षा सहयोग पहल के कार्यान्वयन को आगे बढ़ाएंगे। चौथा, दोनों देश अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करें और संयुक्त राष्ट्र संघ, शांगहाई सहयोग संगठन, चीन और मध्य एशियाई पाँच देशों आदि बहुपक्षीय तंत्र में सहयोग को प्रगाढ़ करें, ताकि अंतर्राष्ट्रीय प्रशासन, अनाज सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, उद्योग श्रृंखला और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता आदि मुद्दों पर समय पर विचार-विमर्श कर सकें।

लेख के अंत में शी चिनफिंग ने कहा कि सीपीसी की 20वीं कांग्रेस आयोजित होने वाली है। यह चीन के सामाजिक आधुनिकीकरण वाले देश के तमाम निर्माण की प्रक्रिया में एक बहुत अहम सम्मेलन है। चीन कज़ाख़िस्तान के साथ विकास की उपलब्धियों और अनुभवों को साझा करना चाहता है। चीन का मैत्रीपूर्ण सहयोग का द्वार हमेशा के लिए कज़ाख़िस्तान के लिए खुला है। उन्हें विश्वास है कि चीन-कज़ाख़िस्तान संबंधों का आगे विकास किया जा सकेगा।

(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)