ज्ञानवापी मामला: कोर्ट के फैसले से नाराज़ Mehbooba Mufti, कहा-उपासना स्थल अधिनियम का उल्लंघन

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जम्मू-कश्मीर: ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले के विचार योग्य होने को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका के निचली अदालत में खारिज होने के बाद कमेटी इस निर्णय को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए वरिष्ठ वकीलों से विचार-विमर्श कर रही है। वाराणसी की जिला अदालत ने कहा कि वह देवी-देवताओं की दैनिक पूजा के अधिकार के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई जारी रखेगी, जिनके विग्रह ज्ञानवापी मस्जिद की बाहरी दीवार पर स्थित हैं। इसके साथ ही अदालत ने ज्ञानवापी शृंगार गौरी मामले की विचारणीयता पर सवाल उठाने वाली मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी थी।

वहीं, पीपुल्स डैमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद मामले में वाराणसी की अदालत का फैसला उपासना स्थल अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘ध्रुवीकरण’ के एजैंडे को पूरा करता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पास लोगों को देने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा रोजगार देने और महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह से विफल रही है और ‘यदि यह स्थिति इसी तरह बनी रही, तो हम किसी अन्य चीज के बजाए मस्जिदों को तोड़ने में ‘विश्वगुरु’ बन सकते हैं।

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