पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त उपलब्धता पर काम करने की आवश्यकता: कृषि मंत्री Narendra Tomar

Spread the News

नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय डेयरी महासंघ के विश्व डेयरी शिखर सम्मेलन के तीसरे दिन बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में फीड, फ़ूड एंड वेस्ट पर विशेष सत्र हुआ। तोमर ने देश-विदेश के उपस्थित प्रतिनिधियों का ध्यान कृषि और डेयरी क्षेत्र की चुनौतियों की ओर आकर्षित करते हुए उस पर मिल-जुलकर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छोटी-छोटी चीजों पर बल दिया, जिससे इस पर समग्र उत्साह जाग्रत हुआ है। प्रमुख रूप से पशुओं के लिए चारे की पर्याप्त उपलब्धता कैसे हो, इसके लिए क्या किया जा सकता है, क्या माध्यम हो सकता है, इस पर विचार कर काम करने की आवश्यकता है।

तोमर ने हर तरह से वेस्ट टू वेल्थ मैनेजमेंट पर जोर देते हुए कहा कि सामान्य तौर पर हम वेस्ट का सही तरीके से उपयोग नहीं करते हैं। फसलों का अपशिष्ट हो या घरों में फल-सब्जियों के वेस्ट का निस्तारण, इन्हें वेल्थ में बदलना आज की जरूरत है। वेस्ट का विविध प्रकार से कैसे प्रयोग कर सकते हैं, उस पर विचार करने और काम करने की जरूरत है, जैसे-पराली के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए पूसा संस्थान ने डीकंपोजर बनाया है। इससे खेत की उत्पादकता बढ़ेगी, वहीं पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध होगा, इस दिशा में बड़े पैमाने पर काम करने की जरूरत है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है, कृषि का क्षेत्र पशुपालन व सहकारिता के बिना अधूरा है, इसी के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने कृषि व सम्बद्ध क्षेत्रों के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के विशेष पैकेज घोषित किए है। पशुपालन व दुग्ध क्षेत्र में महिलाओं का बड़ा योगदान है, इनमें महिला सशक्तिकरण भी निहित है। प्रधानमंत्री ने पशुपालन व सहकारिता मंत्रालयों को अलग से बनाकर इनका बजट भी बढ़ाया है। इन सबके पीछे मूल भावना किसानों को लाभ पहुँचाना है। अब एग्री स्टार्टअप्स भी बढ़ रहे है।