Shimla, Kinnaur और Sirmaur में भांग की अवैध खेती पर एएनटीएफ ड्रोन से रख रही नजर

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शिमला : हिमाचल के शिमला, किन्नौर व सिरमौर में एएनटीएफ भांग की अवैध खेती पर ड्रोन से नजर रख रही है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स इसी क्रम में ड्रोन की मदद से चौपाल उपमंडल के चंबी गांव में सेब के बागीचे में लहरा रही भांग की खेती का पर्दाफाश किया है। हुआ यूं कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के डीएसपी दिनेश शर्मा को चौपाल के चंबी गांव में सेब के बगीचे में भांग की खेती की सरसरी सूचना मिली थी। एएनटीएफ को सूचना मिलते ही डीएसपी ने तुरंत ड्रोन को जांच के लिए भेजा। ड्रोन की मदद से एएनटीएफ को पता चला था कि सेब के बगीचे में दिनेश कुमार द्वारा अवैध तरीके से अफीम की खेती की जा रही है।

सहायक उपनिरीक्षक योगराज के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने पहले ड्रोन की मदद से सेब के बागीचों में लहरा रहे भांग के पौधों की तस्वीर क्लिक की, साथ ही वीडियो भी बनाया गया। इसके बाद टीम में शामिल मुख्य आरक्षी तेजा सिंह, एचएचसी वीरेंद्र सिंह, आरक्षी सुशील व जितेंद्र मौके पर हलका पटवारी को लेकर पहुंचे। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि सेब के बागीचे में भांग की खेती की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह खेती अवैध रूप से की गई थी। पुलिस ने इसे सीज कर दिया है और अब जल्द ही इसे नष्ट किया जाएगा।

एएनटीएफ की तरफ से चौपाल थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बता दे कि हिमाचल में भांग की खेती करना प्रतिबंधित है। 1985 में भारत सरकार ने नार्कोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज अधिनियम के तहत भांग की खेती करना प्रतिबंधित कर दिया था। एएनटीएफ शिमला ने आम जनता से नशे के खिलाफ टोल फ्री नंबर 1908 पर सूचना देने का आग्रह किया है।

क्या कहते है एएनटीएफ के डीएसपी

एएनटीएफ के डीएसपी दिनेश शर्मा का कहना है कि सेब के बगीचे में भांग की खेती की सरसरी सूचना मिली थी। इसके बाद ड्रोन को जांच के लिए भेजा गया। तस्वीरें व वीडियो मिलने के बाद मौके पर पहुंची टीम ने भांग की खेती को सीज कर दिया है और अब जल्द ही इसे नष्ट किया जाएगा