AG ऑफिस में आरक्षित नियुक्तियां HC के फैसले पर निर्भर, पंजाब सरकार द्वारा जारी हुआ था विज्ञापन

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चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा एडवोकेट जनरल (ए.जी.) ऑफिस में लॉ अधिकारियों के अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 58 पद भरने के लिए जारी विज्ञापन को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जो चुनौती दी गई है, उस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई 20 सितंबर तक स्थगित करते हुए साफ कर दिया है कि इन पदों पर अगर कोई नियुक्ति की जाती है तो वह इस याचिका पर हाईकोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर होगी। जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु ने यह आदेश इस मामले को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं।

बता दें कि इस आरक्षण के खिलाफ दायर याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया है कि पंजाब सरकार ने पंजाब के ए.जी. ऑफिस में 58 लॉ अधिकारियों के पदों को अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित कर 20 अगस्त को इन पदों के लिए आवेदन भरे जाने के लिए विज्ञापन जारी कर दिया था।

विज्ञापन के अनुसार इन पदों के लिए सिर्फ अनुसूचित वर्ग के वकील ही आवेदन कर सकते हैं। इसी को चुनौती देते हुए याचिकाकर्त्ता ने कहा है कि यह विज्ञापन न सिर्फ पंजाब लॉ ऑफिसर्स एक्ट 2017 का उल्लंघन है, बल्कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा ऐसे ही एक मामले में 27 अप्रैल को सुनाए गए फैसले का भी उल्लंघन है जिसमे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा था कि ए.जी. ऑफिस में लॉ ऑफिसर रखना कोई नियुक्ति नहीं है जिस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।