पानी के गिरते स्तर पर चर्चा के लिए DSR तकनीक से धान की खेती पर ज़ोर, मंत्री Inderjeet Nijjar भी पहुंचे

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चंडीगढ़: सीआईआई द्वारा डीएसआर तकनीक से धन की खेती पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे पंजाब के कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सिंह निज्जर ने कहा जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पानी का स्तर पंजाब में नीचे गिरता जा रहा है और एक अनुमान के मुताबिक 2035 तक पानी का लेवल 1000 मीटर तक नीचे हो जाएगा, जिसे देखते हुए यह कार्यक्रम बहुत ही महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा कि मान की सरकार की कोशिश है कि हमें हर हाल में पानी के गिरते स्तर को बचाना है। सरकार इसके लिए लगातार अपने स्तर पर प्रयास भी कर रही है।

इसके लिए उन्होंने पूर्व की सरकारों को दोषी ठहराया। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा की बात करते हुए कहा कि हरियाणा के पास भी बहुत अधिक पानी है हम जो दे रहे हैं उसके इलावा वे यमुना का पानी भी इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन हालातों में पंजाब के बाद सबसे कम पानी है। उन्होंने कहा कि माझा और दोआबा में दोनों जगह पानी की समस्या है। हमारी कोशिश है कि हर खेत को पानी मिले। एसवाईएल नेहरू को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोई मुझे यह बताएं कि पूरी पूरी नदी का पानी राजस्थान को क्यों दे दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम पानी की एक भी बूंद पंजाब से बाहर नहीं जाने देंगे। वही हरियाणा से संबंधित आम आदमी पार्टी के नेताओं द्वारा यह कहे जाने पर कि हरियाणा को एसवाईएल का पानी मिलेगा इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह हरियाणा के हैं तो भी एक हरियाणा की बात करेंगे।

लेकिन हम पंजाब का पानी नहीं देंगे। इस मौके पर कौन से केंद्र द्वारा पाकिस्तान जा रहे पानी को रोकने के लिए दिए जा रहे अनुदान को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि वे कहते हैं कि सारा पानी राजस्थान दे दो उसे हमें क्या फायदा है। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब को कोई फायदा नहीं है सब के सब फायदा राजस्थान को मिलेगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मुद्दे पर की गई टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट में कहेंगे कि हमारे पास पानी नहीं है और हम किसी को पानी नहीं दे सकते। ऑपरेशन लोटस को लेकर पूछे गए सवाल पर जब उनसे पूछा गया कि नाम उजागर नहीं किए जा रहे तो उसको लेकर उन्होंने कहा कि वह भी जरूर किए जाएंगे।